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25 फीट गहरे गटर में गिरा बछड़ा, दो घंटे की मशक्कत के बाद निकाला

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गंगानगर में 25 फीट गहरे गटर में गिरा बछड़ा
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गंगानगर। पी ब्लॉक में एक बछड़ा 25 फीट गहरे गटर में गिर गया। लोगों ने एमडीए में फोन किया तो वहां से किसी भी तरह की मदद करने से इनकार कर दिया है। बाद में स्थानीय लोगों ने ही काफी मशक्कत के बाद उसे सकुशल बाहर निकाला।
नाले वाली डिवाइडर रोड स्थित पीपी पॉकेट में बिजेंद्र सिंह के घर के सामने करीब 25 फीट गहरा गटर है। यहां मेन हॉल पर ढक्कन नहीं लगा है। बृहस्पतिवार सुबह करीब दस बजे कसेरूखेड़ा के डिग्गी मोहल्ला निवासी सुहेब वहां आया तो उसे गटर के अंदर से आवाज आई। उसने देखा तो उसमें एक बछड़ा पड़ा हुआ था। आसपास के लोगों ने बछड़े को बाहर निकालने की कोशिश की। गटर में विषैली गैस होने के कारण वहां खड़ा होना मुश्किल हो गया। सूचना पर विद्युत निगम के दर्जनभर कर्मचारी भी गाय निकालने पहुंच गए।
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इस बीच लोगों ने एमडीए, नगर निगम के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन उन्होंने मौके पर आने से इंकार कर दिया। वहीं पुलिसकर्मी हाथ बांधे खड़े रहे। लोगों ने ही जेसीबी मंगाकर मेन हॉल के आसपास तोड़कर जगह बनाई। बाद में एनिमल केयर सोसाइटी के अंशु माली वशिष्ठ व स्वीटी वशिष्ठ ने गाड़ी की सहायता से बछड़े को बाहर निकलवाया। घायल बछड़े को दवाई दी गई। बजरंग दल के अर्जन राठी, प्रवीण राणा, विद्युत कर्मचारी दीपचंद चौहान, पार्षद गुलवीर सिंह मौजूद रहे। वहीं एमडीए के चीफ इंजीनियर दुर्गेश श्रीवास्तव का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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ज्यादातर गटर के ढक्कन गायब
लोगों ने बताया कि घटनास्थल के आसपास के ज्यादातर गटर से ढक्कन गायब हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है। सवाल उठता है कि अगर बछड़े के स्थान पर कोई व्यक्ति गिर जाता तो क्या होता। जबकि कुछ समय पहले ही मोदीपुरम में एक बच्चे की गटर में गिरने से मौत हो गई थी। एमडीए के एक कर्मचारी ने बताया कि कुछ सफाई कर्मचारी मेन हॉल के ढक्कन को बेच देते हैं।

खास बात
लोगों ने काफी मशक्कत कर उसे सकुशल बाहर निकाल
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