मेेरठ। तमाम कोशिशों के बावजूद रोडवेज की व्यवस्था नहीं सुध पा रही है। बस अड्डों को सुरक्षित रखने के साथ ही बसों और स्टाफ की निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे छह माह से खराब हैं। लेकिन अधिकारी इस ओर से आंखें मूंदे हैं। इस बीच अगर अड्डों पर कोई हादसा हो जाए तो उसकी फुटेज नहीं मिल पाएगी।
रोडवेज भी रेलवे की तरह कदमताल करते हुए अपने बस अड्डों को वाईफाई से तो सुसज्जित कर रहा है लेकिन यहां लगे सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब पड़े हैं। रोडवेज ने भैसाली बस सोहराबगेट बस अड्डे पर करीब दस लाख रुपये की लागत से सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया था। इसका कंट्रोल रूम आरएम और एआरएफ ऑफिस में बनाया गया था, ताकि अधिकारी अपने कक्ष में बैठकर ही बस अड्डे की गतिविधियों पर नजर रख सकें। लेकिन दोनों जगह के कैमरे पिछले छह महीने से खराब पड़े हैं।
आए दिन हो रहे वाहन चोरी
दोनों बस अड्डों से आए दिन वाहन चोरी होने की सूचना अधिकारियों के पास पहुंचती हैं। लोग फुटेज निकालने को कहते हैं तो कैमरे खराब होने की जानकारी मिलती है। मंगलवार को ट्राइमैक्स कंपनी के सुपरवाइजर अर्जुन सिंह की बाइक सोहराबगेट डिपो के एमएसटी काउंटर के पास से चोरी हो गई। अर्जुन सिंह ने जब चोरी करने वाले शख्स को देखने के लिए एआरएम परवेज बशीर से सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मांगी तो उन्होंने बताया कि सारे कैमरे खराब पड़े हैं।
बड़ी घटना होने पर क्या जवाब देंगे अधिकारी
कैमरे खराब होने पर सवाल उठता है कि अगर बस अड्डों पर कोई बड़ी घटना हो जाए तो अधिकारी क्या जवाब देंगे। शासन के निर्देशों के बाद लगे सीसीटीवी कैमरे भी अधिकारियों से सही नहीं कराए जा रहे हैं। अधिकारियों का यह लापरवाह रवैया यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहा है।
वर्जन
भैसाली बस अड्ड पर निर्माण कार्य चलने से सीसीटीवी नेटवर्क अस्त-व्यस्त हो गया है। इसे जल्द ही ठीक कराया जाएगा। अगर सोहराबगेट पर भी कैमरे खराब हैं तो यह गंभीर मामला है। इसे दिखवाकर जल्द ही सही कराया जाएगा। - एसके बनर्जी, आरएम मेरठ रोडवेज रीजन