टेंडर पूल प्रक्रिया तोड़ने वाले ठेकेदारों पर शिकंजा
- नगर निगम में डेंस के ठेकेदारों ने किया था पूल, पूर्व में भी लग चुके आरोप
- तीन ठेकेदारों ने रजिस्ट्रेशन कराकर डाल दिए कम रेट, अफसरों ने लगाई क्लास
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। शहर में होने वाले 30 करोड़ से डेंस सड़क निर्माण कार्यों की टेंडर पूल प्रक्रिया में सेंध लगाने वाले तीन ठेकेदारों पर नगर निगम प्रशासन ने शिकंजा कसा है। तीनों ठेकेदार बैकफुट पर आ गए हैं। ठेकेदारों के बैक होने के बाद ही नगर निगम प्रशासन ने टेंडर खोलने की प्रक्रिया शुरू की।
नगर निगम अवस्थापना और टीएफसी की दिसंबर माह में हुई बैठक में शहर में 51 करोड़ रुपये से सड़क और नालों के निर्माण कार्य के प्रस्ताव पास किए गए थे। लगभग 30 करोड़ रुपये से शहर की करीब 45 सड़कों का निर्माण डेंस से किया जाना प्रस्तावित है। नगर निगम निर्माण विभाग ने जनवरी माह में इसके टेंडर निकाले थे। भाजपा पार्षदों ने टेंडर प्रक्रिया में पूल किए जाने का आरोप लगाया था। इस पर नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान ने टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी थी। दोबारा टेंडर निकाले गए। इस बार भी वही आरोप लगे। इतना ही नहीं तीन अन्य ठेकेदारों ने रजिस्ट्रेशन कराकर टेंडर प्रक्रिया में पूल व्यवस्था को ध्वस्त करने के लिए टेंडर डाल दिए।
इसकी जानकारी नगर निगम के अधिकारियों को मिली तो हलचल मच गयी। टेंडर खोलने से पहले नगरायुक्त ने तीनों ठेकेदारों के प्लांट चेक करने के निर्देश जारी किए। नगर निगम सूत्रों से जानकारी मिली है कि निगम के निर्माण विभाग के अधिकारियों ने तीनों नए ठेकेदारों को तलब कर लिया। इस पर तीनों ठेकेदार बैकफुट पर आ गए। उसके बाद ही निगम अधिकारियों ने टेंडर खोलने का निर्णय लिया। इस संबंध में नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया के लिए कमेटी गठित है। पूरी जांच पड़ताल के बाद ही टेंडर खोले जाते हैं। ई-टेंडर प्रक्रिया में सभी को टेंडर डालने का अधिकार होता है।