गांव से अपहृत किशोरी शहर में गोलगप्पे बनाती मिली
मेेरठ। करीब 45 दिनों से अपहृत चल रही एक किशोरी को संकल्प संस्था की मदद से भावनपुर पुलिस ने बरामद कर लिया। पता चला कि यह किशोरी शहर के ईदगाह चौराहे पर गोल गप्पे बनाने का काम कर रही थी।
एसओ भावनपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि एक गांव की यह किशोरी विगत 21 मार्च को लापता हो गई थी। जिसमें परिजनों ने खिवाई निवासी ए बहादुर रहमान, उसकी मां नईमा, बहन शाहजहां, शौकीन और आबिद के खिलाफ बहला फुसलाकर अपहरण करने और पॉक्सो एक्ट में नामजद रिपोर्ट दर्ज करायी थी। पुलिस ने बहादुर रहमान को जेल भेज दिया था। लेकिन किशोरी का सुराग नहीं लगा था। इस बीच संकल्प संस्था की अध्यक्ष अतुल शर्मा को एक किशोरी के शहर में होने की सूचना मिली तो वह उसे अपने साथ ले आईं। किशोरी से पूछताछ के बाद भावनपुर पुलिस को किशोरी सौंप दी गई।
शहर से मिली सूचना
एसओ भावनपुर ने बताया कि संकल्प संस्था की अध्यक्ष का रमेश नाम का जानकार ईदगाह चौराहे पर गोल गप्पे बनाने का काम करता है। पता चला कि यह किशोरी रेलवे रोड पर एक महिला को लावारिस घूमती मिली थी, जिसे इस महिला ने अपने घर पर रखने के साथ रमेश के यहां 150 रुपये रोजाना की मजदूरी पर लगवा दिया था। इस दौरान रमेश को किशोरी के दूसरे समुदाय के होने की बात पता चली तो उसने इसकी सूचना अतुल शर्मा को दी।
लोनी पहुंच गई थी
एसओ भावनपुर के अनुसार यह किशोरी इस महिला का घर छोड़कर लोनी (गाजियाबाद) चली गई थी। जहां उसने पुलिस को अपने माता-पिता के मरने की सूचना दी थी। लोनी पुलिस ने कड़ी पूछताछ के बाद उसे इस महिला को लोनी बुलाकर सुपुर्दगी में दिया था।
कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
एसओ भावनपुर के अनुसार किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे। बयानों के आधार और कोर्ट के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खास बातें
45 दिनों से थी भावनपुर से अपहृत, संकल्प संस्था ने बरामद कराई
एक परिवार के पांच सदस्य हुए थे नामजद, एक आरोपी जेल में