यह है व्यवस्था
सरकारी राशन व्यवस्था से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए सरकार ने एकल खिड़की राशन प्रणाली शुरू की। इसके तहत सरकार ट्रांसपोर्टर को एक क्विंटल राशन दुकान तक पहुंचाने की एवज में 60 रुपये प्रति क्विंटल का भाड़ा दे रही है। इसके बावजूद सीधे दुकानों तक राशन नहीं जा रहा है।
राशन की दुकानें और वितरण व्यवस्था
हर महीने जिले में 1.30 लाख क्विंटल राशन आता है
राशन की कुल दुकानें- 931
डीलरों का कमीशन- 90 रुपये प्रति क्विंटल
राशन प्रति क्विंटल किराया- 60 रुपये
प्रतिमाह राशन लाने का किराया- 78 लाख रुपये
राशन के हैं 12 गोदाम
जिले में मलियाना साबुन गोदाम, सलारपुर, जानी, सरधना, माछरा, रोहटा, खिर्वा रोड, दौराला, परीक्षितगढ़, हस्तिनापुर, मवाना और खरखौदा आदि स्थानों पर 12 गोदाम हैं। इनमें से मलियाना, सलारपुर, सरधना, माछरा, रोहटा और जानी क्षेत्र में आरएफसी गोदाम से सीधे राशन की दुकान पर पहुंचाने का प्रयास चल रहा है। बाकी व्यवस्था बनाने का काम आरएफसी का होता है हमारा नहीं।
- अखिलेश सिंह, उप संभागीय वितरण अधिकारी
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डीलर अपने खर्च पर लेकर जा रहे राशन
कमिश्नर के निर्देश पर जांच में पाया गया था कि ट्रांसपोर्टर दुकानों पर राशन नहीं पहुंचा रहा है। राशन डीलर अपने खर्च से ही राशन अपनी दुकान पर ले जा रहे हैं। इसकी रिपोर्ट भेज दी है।
- अमरेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट
कोई नहीं सुनता
राशन डीलरों का उत्पीड़न किया जा रहा है। अधिकतर दुकानदार अपने भाड़े से ही गोदाम से राशन ला रहे हैं। खाली बोरे की एवज में भी राशन नहीं दिया जा रहा है। घटतौली तो आम बात है। शिकायत करते हैं तो कोई सुनता ही नहीं है।
- शिवकुमार गुप्ता, अध्यक्ष, राशन डीलर एसोसिएशन
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नहीं हुआ व्यवस्था में सुधार
कमिश्नर से शिकायत की थी। जांच में भी एकल खिड़की प्रणाली के तहत राशन न देने की स्थिति सामने आ गई है। इसके बाद भी न तो कार्रवाई हुई और न ही व्यवस्था में सुधार हुआ है।
- शाहिद खान, अध्यक्ष, मेरठ उचित दर विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन