कैश कॉलेज के संचालक के खिलाफ आरसी जारी
मेरठ।
कैश कॉलेज के संचालक एसपी देशवाल के खिलाफ एमडीए ने 20 लाख रुपये की रिकवरी जारी की है। एमडीए सचिव राजकुमार ने बताया कि जांच में कंप्लीशन सर्टिफिकेट फर्जी पाये जाने के साथ ही इंद्रपस्थ सोसायटी की जमीन भी कॉलेज निर्माण में कब्जाना सही पाया गया।
मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार से कैश कॉलेज के संचालक एसपी देशवाल के खिलाफ शिकायत की गई थी। जिसमें निर्माण का फर्जी पूर्णता प्रमाण पत्र एमडीए में जमा करने के साथ ही इंद्रप्रस्थ सोसायटी की जमीन भी कॉलेज में कब्जाने का आरोप था। इस मामले में जांच हुई तो आरोप सही पाए गए। इस मामले में जहां कैश कॉलेज के संचालक के खिलाफ पहले ही एफआईआर हो चुकी है। वहीं एमडीए द्वारा अब 20 लाख रुपये की रिकवरी भी जारी की गई है। इसके अलावा निर्माण को सील करने के साथ ही ध्वस्त करने का आदेश भी दिया गया है।
वहीं दूसरी तरफ सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाई गई कॉलोनियों की शिकायत में जांच के बाद एमडीए सख्त कार्रवाई पर उतर आया है। गढ़ रोड स्थित एक कॉलोनी के साथ ही कई अन्य कॉलोनियां जो कि नजूल आदि सरकारी जमीनों पर कब्जा कर बनाई गई हैं। उनके खिलाफ एमडीए ने नोटिस जारी किये हैं। सूत्रों की मानें तो इन कॉलोनियों में हुए बैनामों को मंडलायुक्त के आदेश पर शासनादेश के चलते निरस्त कराने की तैयारी है। बैनामे निरस्त कराने के बाद एमडीए जहां अगली कड़ी कार्रवाई अमल में ला सकता है तो इन मामलों में एफआईआर भी दर्ज कराने की तैयारी है।
एमडीए कार्रवाई की तो हो सकता है माहौल खराब
मेरठ। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने एमडीए द्वारा लगातार अवैध निर्माण के खिलाफ जारी नोटिस पर एमडीए को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि शमन योजना लागू होने तक यदि एमडीए कोई कार्रवाई करता है तो उसके बाद माहौल खराब होने की जिम्मेदारी उसकी होगी।
वाजपेयी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि एमडीए द्वारा महानगर के विवाह मंडपों, स्कूल, नर्सिंग होम आदि को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें 31 मार्च तक कंपाउडिंग कराने को कहा जा रहा है। इसके बाद निर्माण ध्वस्त करने की चेतावनी भी नोटिस में दी गई है। उन्होेंने कहा कि वह कई बार मांग उठा चुके हैं कि एमडीए पहले निर्माण जब हुए तब से लेकर अब तक के प्राधिकरण अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार कर, उनके खिलाफ कार्रवाई तय करे। क्योंकि उन भ्रष्ट अधिकारियों ने ही यह निर्माण कराए थे। यदि 31 मार्च के बाद एमडीए ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की तो कानून व्यवस्था खराब हो सकती है। इसलिए एमडीए को आदेश दिया जाए कि वह शमन योजना आने से पहले अपनी कार्रवाई स्थगित करे।