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Meerut News: 70 गज का मकान... बेड और गठरी में पांच लाशें

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मेरठ। लिसाड़ी गेट के सुहेल गार्डन में कच्ची कीचड़ वाली दस फीट की गली में 70 गज के मकान का अंदर से मंजर देखकर लोगों की रूह कांप उठी। दंपती और उनकी तीन मासूम बेटियों के शव मिले। सभी का बेरहमी से कत्ल किया गया था। मोईन का शव बेड के पास गठरी में बंधा था। उसके हाथ पैर बंधे थे। आसमा और उनकी तीन बेटियां अफ्सा, अजीजा और अदीबा के शव बेड में मिले। आसमा और बड़ी बेटी का शव एक साथ बेड में थे, जबकि दोनों छोटी बेटियों के शव बेड में ही एक बोरी में थे।
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मोईन के घर के गेट पर बाहर से ताला लगा था। रिश्तेदार और भाई सुबह से फोन कर रहे थे, लेकिन कॉल नहीं उठ रही थी। सुबह से परिवार का एक भी व्यक्ति किसी ने नहीं देखा था। मोईन के दो भाई तसलीम और मोमिन सुहेल गार्डन के बराबर वाली कॉलोनी समर गार्डन में रहते हैं। पूरे दिन माईन के फोन से कोई जवाब नहीं मिलने पर भाई तस्लीम ने छत के बगल में लगे रोशनदान से मकान के अंदर का नजारा देखकर शोर मचाया। दूसरा भाई मोमिन ताला तोड़कर लोगों के साथ कमरे में पहुंचा। जमीन पर कपड़े और सामान बिखरा था। दरवाजे के सामने ही बड़ा हॉल था, पास में छोटा सा किचन। कमरे में खून फैला था। किसी तरह की दुर्गंध नहीं आ थी। बेड में सामान रखने के लिए बॉक्स बने हुए थे। वो बंद था, उस पर भी खून लगा था। बेड के अंदर एक ओर आसमा और बड़ी बेटी की लाशें थी। शोर मचा कि दो बेटी गायब हैं। तभी बेड में ही दूसरी तरफ दोनों छोटी बच्चियों की लाशें मिलीं। ये लाशें बोरियों में थीं। यह मंजर देख कर सभी की रूह कांप गई।



भाई घर पहुंचा तब मामला खुला
मामला तब खुला, जब मोईन का भाई तसलीम और मोमिन मौके पर पहुंचे। घर का दरवाजा बाहर से बंद था। तसलीम का कहना है कि मुझे अपनी पत्नी को अस्पताल लेकर जाना था। डॉक्टर को दिखाने के बाद मैं शाम को मोईन के घर पहुंचा। दरवाजे पर बाहर से ताला लगा था। बाहर से चिल्लाया, मगर अंदर से कोई जवाब नहीं आया। पड़ोसी के मकान की छत पर चढ़ा और रोशनदान से देखा। जहां पर खून पड़ा था, जिसको देखकर मैं चिल्लाया। मोमिन स्थानीय लोगों के साथ दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंच गया।
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भतीजी बोली- कल रात 9 बजे हमारी बात हुई
भतीजी तरन्नुम ने बताया कि हम लोग कल से चाचा (मोईन) को ढूंढ रहे थे। हमें लगा कि कहीं चले गए होंगे। कल रात 9 बजे हमारी बहन की चाचा से फोन पर बात हुई। सब नॉर्मल बात हुई। नहीं पता, फिर क्या हुआ। हमारा घर तो थोड़ी दूर है, यहां घर के बाहर ताला बंद था। हत्या की खबर पाकर मोईन के पड़ोसी रहे मोहम्मद वसीम पहुंचे। उन्होंने बताया कि साल 2009 तक मोईन परिवार के साथ जाकिर कॉलोनी में मक्का मदीना मस्जिद वाली गली में रहते थे। मोईन के सभी भाई राज मिस्त्री का काम करते हैं। मोईन मवाना और रुड़की में भी रहे थे। डेढ़ महीने पहले ही परिवार यहां आया था। ये लोग बहुत सीधे-सादे थे। परिवार का किसी से विवाद भी नहीं दिया था।
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