रोजा व व्रत के बाद साथ बैठे बंदी
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इस समय चैत्र नवरात्र और माहे रमजान साथ-साथ चल रहे हैं। जिला कारागार में बंद निरुद्घ बंदी भी नवरात्र के व्रत और रोजा रख रहे हैं। जिसके चलते कारागार प्रशासन की ओर से नवरात्र का व्रत और रोजा रखने वाले बंदियों को फलाहार दिया जा रहा है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि सोमवार को 633 पुरूष और 40 महिला बंदियों ने मां दुर्गा का व्रत रखा और 670 पुरूष व 38 महिला बंदियों ने रोजा रखा। जेल प्रशासन की ओर से हिंदू बंदियों को फलाहार और मुस्लिम बंदियों को खजूर व अन्य फलाहार दिया जा रहा है। इसी के साथ इन सभी बंदियों को नियमित रूप से पूजा-अर्चना और नमाज अता करने का समय भी दिया जा रहा है।
हर बुरे काम छोड़कर अल्लाह की इबादत करें
शहर की शाही ईदगाह व शाही जामा मस्जिद में पांच रोजा शबीना पूरा हुआ। शाही ईदगाह में कारी अफ्फान कासमी ने कुरान ए पाक सुनाया तो वहीं कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने शाही जामा मस्जिद में कुरान एक पाक सुनाया और दुआ कराई।
तकरीर करते हुए मौलाना कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने कहा कि यह मुबारक महीना चल रहा है, शबीना में कुरान सुनने का मतलब हरगिज यह नहीं है कि अब तरावीह की छुट्टी हो गई है, बल्कि तरावीह पूरे महीने पढ़नी चाहिए। ईदगाह कमेटी की ओर से सलमान सब्जवारी ने शबीने कर बंदोबस्त किया।