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गायों की नीलामी पर बखेड़ा, अधीक्षक निशाने पर

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मेरठ। कैंट बोर्ड में 15 गायों को नीलाम करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। छावनी बोर्ड के सदस्य अनिल जैन ने राजस्व अधीक्षक जयपाल तोमर के खिलाफ सदर थाने में तहरीर देते हुए गोवध अधिनियम में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। कहा है कि एक तरफ केंद्र और प्रदेश सरकार गायों के संरक्षण के लिए बजट मेें धनराशि का प्रावधान कर रही है। लेकिन उनके सेवक इन्हें बिना किसी सूचना के नीलाम कर रहे हैं।
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अक्तूबर 2018 में 15 गायों को पकड़कर कांजी हाउस में लाया गया था। लेकिन छावनी परिषद के पास भोजन की व्यवस्था नहीं थी। इसी को देखते हुए कैंट बोर्ड ने नीलाम करने की योजना बनाई। अनिल जैन के अनुसार उन्होंने 30 हजार रुपये देकर गोशाला भेजने के खर्च को वहन करने के लिए कहा। आरोप है कि कुछ दिन बाद राजस्व अधीक्षक जयपाल तोमर ने बोर्ड के किसी सदस्य और कैंट बोर्ड सीईओ को न बताते हुए गायों को नीलाम कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर उन्होंने राजस्व अधीक्षक से गायों के बारे में पूछा। इस पर राजस्व अधीक्षक ने कहा कि गायों को दस हजार 200 रुपये में नीलाम किया जा चुका है।
अधीक्षक के खिलाफ हो मुकदमा
इस प्रकरण पर बोर्ड बैठक में बोर्ड उपाध्यक्ष के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई थी। लेकिन पता नहीं कब तक इसका निर्णय हो सकेगा। इसके लिए मैंने राजस्व अधीक्षक के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। गायों को कसाईयों को देकर कटवाया गया है। -अनिल जैन, सदस्य, छावनी बोर्ड
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सीईओ के आदेश पर हुई नीलामी
जब इस मामले में कमेटी गठित हो गई तो वह ही निर्णय ले। अगर कमेटी दोषी करार देगी तो हम दोषी माने जाएंगे। सीईओ के आदेश पर ही नीलामी की गई है। उनसे पहले अनुमति ली गई, इसके बाद ही पैसा जमा किया गया। -जयपाल तोमर, राजस्व अधीक्षक कैंट बोर्ड
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