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बसों की कमी का दंश झेल रहे रोडवेज यात्री

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- 31 जनवरी को प्रयागराज में चल रहे कुंभ के लिए रवाना हो गई थी मेरठ रीजन की 180 बसें
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- बड़ी संख्या में बसों के रूटों से हटने की परेशानी झेल रहे यात्री
- बिजनौर, दिल्ली, मुरादाबाद आदि रूटों पर यात्रियों को हो रही भारी परेशानी



मेरठ। रोडवेज बसों के बड़ी संख्या में कुंभ मेले में जाने के चलते यात्री परेशान चल रहे हैं। बस अड्डे से लेकर रूटों तक यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। रोडवेज अफसरों के वैकल्पिक व्यवस्था के दावे धरे रह गए हैं। बिजनौर, दिल्ली, मुरादाबाद आदि रूटों पर बसों की भारी कमी के चलते परेशानी हो रही है। प्रयागराज गई बसें 10 फरवरी के बाद ही लौटनी शुरू होंगी।
प्रयागराज में चल रहे कुंभ मेले के लिए मेरठ रोडवेज रीजन से गत 31 जनवरी को 180 बसें भेजी गईं हैं। इसमें मेरठ और सोहराबगेट डिपो की 65-65 बसें और गढ़ व बड़ौत डिपो की 25-25 बसें लगाई गई हैं। इन बसों को दिल्ली, मुरादाबाद, बिजनौर सहित कई रूटों से हटाकर भेजा गया है। रोडवेज अधिकारियों ने दावा किया था कि बसों के रूटों से हटने के बाद बाकी बसों के न केवल ट्रिप बढ़ाए जाएंगे बल्कि जरूरत पड़ने पर बसों की व्यवस्था भी की जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। रोजाना सोहराबगेट और भैसाली बस अड्डे पर यात्रियों को बसों का इंतजार करते देखा जा सकता है। इसके अलावा रूटों पर भी यात्री बसों का घंटो इंतजार करते रहते हैं, लेकिन बसें नहीं मिलने या देरी से पहुंचने पर उन बसों में बैठने तक की जगह नहीं मिल पाने की शिकायत लगातार आ रही हैं।
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10 फरवरी के बाद ही वापस आएंगी बसें
कुंभ में भेजी गई बसों की 10 फरवरी को शाही स्नान के बाद ही वापसी शुरू होगी। तब तक यात्रियों को इसी तरह दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। यात्री बसें नहीं मिलने पर विभाग को कोस रहे हैं। यात्रियों को पूछताछ केंद्र पर भी बसों की जानकारी नहीं दी जा रही है। मंगलवार शाम को दिल्ली और नोएडा जाने वाले यात्री भैसाली बस अड्डे पर बसों का इंतजार करते रहे। काफी देर के बाद बस आने के बाद ही यात्री अपने गंतव्य को रहवाना हो सके।
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क्या बोले अधिकारी
मुख्यालय के आदेश पर ही बसों को कुंभ मेले में भेजा गया है। 10 फरवरी के बाद बसों की वापसी शुरू हो जाएगी। बसों की कमी को देखते हुए बची हुई बसों के ट्रिप बढ़ाए गए हैं। जिन रूटों पर ज्यादा भीड़ हैं उन पर विशेष नजर रखी जा रही है। अगर इसके बाद भी यात्रियों को परेशानी हो रही है तो वे इसका समाधान किया जाएगा। - नीरज सक्सेना, आरएम मेरठ रीजन
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