मेरठ। विवाहिता को जलाकर मार डालने का दोषी पाते हुए एडीजे-7 तबरेज अहमद ने सास, जेठ और जिठानी को आजीवन कारावास और प्रत्येक को 5-5 हजार के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पति को हत्या का दोषी न पाते हुए दोषमुक्त कर दिया।
दहेज हत्या की यह वारदात करीब छह साल पूर्व कस्बा दौराला में घटी थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना की रिपोर्ट मंगतराम निवासी ग्राम चरथावल जिला मुजफ्फरनगर ने थाना दौराला में दर्ज करायी थी। जिसके अनुसार उनकी पुत्री सविता की शादी सकौती निवासी बालेंद्र पुत्र स्वर्गीय जयपाल के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही सविता से उसका पति बालेंद्र, जेठ जोगेंद्र, जिठानी सविता, सास चंद्रावती, ननद किरन और नंदोई बेदु खुश नही थे। शादी के बाद से ही दहेज में 50 हजार रुपये और मोटरसाइकिल की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। दिनांक 4 मई 2012 को सास चंद्रावती, जेठ जोगेंद्र उर्फ जोगी और जिठानी सविता पत्नी जोगेंद्र ने पुत्रवधू सविता को केरोसिन छिड़ककर आग लगाकर मार डाला। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज-7 तबरेज अहमद के न्यायालय में की गई। जहां पर सरकारी वकील मुकेश मित्तल ने वादी सहित अनेक गवाह पेश किए। जिनके बयानों के आधार पर न्यायालय ने सास, जेठ और जिठानी को हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
खास बातें:
50 हजार और बाइक न मिलने पर दौराला में विवाहिता को जलाकर मार डाला था
न्यायालय एडीजे-7 तबरेज अहमद ने साक्ष्य के अभाव में पति को किया दोषमुक्त