मेरठ। विवादित पद्मावत फिल्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शांत होने के बाद अब फिल्म रंगीला रसूल के खिलाफ मोर्चा खुलना शुरू हो गया है। युवा सेवा समिति का कहना है कि फिल्म रंगीला रसूल के रिलीज होने पर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत होंगी इसलिए इस फिल्म को रिलीज ही नहीं होने दिया जाएगा।
रविवार को फैज-ए-आम कॉलेज परिसर में आयोजित समिति की बैठक में अध्यक्ष बदर अली ने आरोप लगाते हुए कहा कि 26 फरवरी को रंगीला रसूल के नाम से रिलीज होने जा रही इस फिल्म के माध्यम से पैगंबर मोहम्मद साहब के बारे में गलत एवं आपत्तिजनक तथ्य दर्शाए गए हैं। इससे मुस्लिमों की धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
बैठक में इस फिल्म पर रोष व्यक्त करते हुए कहा गया कि पैगंबर मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसी भी सूरत में युवा सेवा समिति इस फिल्म को भारत के किसी भी स्थान पर रिलीज नहीं होने देगी। उन्होंने केंद्र सरकार व सेंसर बोर्ड से मांग की है कि इस फिल्म पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाएं। यदि इस फिल्म को रिलीज करने की कोशिश की गयी तो समिति संपूर्ण मुस्लिम समाज को साथ लेकर नबी की शान में गुस्ताखी करने वाले फिल्म निर्माता एवं डायरेक्टर के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। बैठक का संचालन आमिर गाजी ने किया। जिसमें नईम सागर, अरशद सैफी, बासित अली, इकबाल अब्बासी, आजाद खॉं, सैफुद्दीन मेवाती आदि मौजूद रहे।