खिवाई में रविवार रात पुलिस व बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जिसमें एक सिपाही गोली लगने से घायल हो गया। बदमाश पहले की तरह पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। एक माह पहले हुई मुठभेड़ के बाद भी यह बदमाश भाग गया था। देर रात तक पुलिस जंगलों की खाक छानती रही।
रविवार रात करीब आठ बजे थाने की पुलिस टीम कस्बा खिवाई में गश्त पर थी। इसी बीच सूचना मिली कि चोरघट्टा वाले रास्ते पर जंगल में बदमाश छिपे हैं। जिनमें एक माह पूर्व मुठभेड़ के दौरान फरार हुआ खिवाई का ही कुख्यात बदमाश नईम भी है। इस सूचना पर खिवाई चौकी इंचार्ज सुरेंद्र कुमार, सिपाही राहुल और रवि की टीम गांव से बाहर की तरफ जंगल में पहुंची तो उन्हें वहां नईम दिखाई दिया। पुलिस ने नईम का पीछा किया तो नईम और उसके साथियों ने पुलिस टीम पर तमंचे से फायरिंग कर दी।
गोली लगते ही खींचे कदम
अचानक फायरिंग पर पुलिस टीम ने भी जवाबी फायरिंग की। इस दौरान बदमाशों की तरफ से चली गोली सिपाही राहुल के हाथ में लगी। यह देखकर पुलिसकर्मी घबरा गए और पुलिस टीम को कदम खींचने पड़े। इसका फायदा उठाकर बदमाश फायरिंग करते हुए जंगल में फरार हो गए। हालांकि इस दौरान यह भी आरोप लगे कि मुठभेड़ के दौरान वहां कुछ लोग पहुंच गए थे, जिन्होंने बदमाशों का पक्ष लेते हुए उसे छुड़ाने का प्रयास किया।
हाथ नहीं लगा कोई बदमाश
सिपाही के घायल होने की सूचना पर एसपी देहात राजेश कुमार, सीओ सरधना संत्तोष कुमार और एसओ सरूरपुर ऋषिपाल सिंह फोर्स लेकर पहुंचे। सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस फोर्स ने फरार बदमाशों की तलाश में जंगलों की घंटों तक खाक छानी। लेकिन कोई भी बदमाश हाथ नही लग पाया।
नईम की थी तलाश
सीओ ने बताया कि फरार हुआ शातिर बदमाश नईम खिवाई में ही पुलिस से हुई सीधी मुठभेड़ के बाद गोली लगने के बाद भी फरार हो गया था। जिसे पकड़ने के लिए पुलिस कस्बे में लगी हुई थी। नईम लूट-डकैती व हत्या की कई वारदातों में फरार चल रहा है। उसने दो साल पूर्व कस्बे के ही टोनी जैन की हत्या रंगदारी न देने पर कर दी थी।
इनाम घोषित करने की तैयारी
एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि नईम और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इन बदमाशों पर अब इनाम घोषित किया जाएगा। कई स्थानों पर दबिश दी गई लेकिन सुराग नहीं लगा।