कोतवाली देहात। किरतपुर से नहटौर वाया शादीपुर करीब 26 किलोमीटर लंबे मार्ग से जुड़े साठ गांवों के लोगों के लिए आवागमन का साधन केवल कुछ ई-रिक्शा हैं। इस रूट पर रोडवेज बसों की सुविधा नहीं है। करीब डेढ़ वर्ष से प्राइवेट बसें भी बंद हैं। यह मार्ग बालावाली से मंडावर, किरतपुर- नहटौर वाया शादीपुर मार्ग के अंतर्गत आता है।
बालावाली से किरतपुर तक तो कुछ निजी बसों का संचालन होता है लेकिन किरतपुर से नहटौर के बीच बसें नहीं चलतीं। इस मार्ग के जुड़े करीब 60 गांवों के लोग निजी वाहनों से आते-जाते हैं या फिर कुछ ई-रिक्शाें का सहारा है। ई-रिक्शा चालक एक-दो सवारी लेकर नहीं जाते। इसलिए कई बार लंबा इंतजार भी करना पड़ता है। ग्रामीणों ने मार्ग पर रोडवेज बसों के संचालन की मांग की है।
सड़क हो गई चौड़ी, आवागमन की सुविधाएं थोड़ी
किरतपुर से नहटौर रोड के चौड़ीकरण काम चल रहा है। शादीपुर से नहटौर तक चौड़ीकरण पूरा हो गया है। चौड़ीकरण से पहले भी सड़क की स्थिति काफी अच्छी थी। इसके बावजूद आवागमन की सुविधा नहीं है।
शादीपुर बस अड्डे तक आती थीं बसें
किरतपुर-नहटौर मार्ग पर चलने वाली निजी बसें शादीपुर बस अड्डे तक आती थीं। धीरे-धीरे निजी बसों की संख्या कम होती गई और डेढ़ वर्ष से कोई बस इस रूट पर नहीं चल रही।
ग्राम पैहरूवाला निवासी जितेंद्र सिंह का कहना है कि किरतपुर-नहटौर मार्ग पर सैकड़ों लोग प्रतिदिन आते-जाते हैं। बस न चलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गांव ककराला निवासी भाजपा पिछड़ा मोर्चा के जिलाध्यक्ष तिलक राज सैनी ने बताया कि कुछ चालकों ने ई-रिक्शा न चलने के बारे में बताया है। इस संबंध में अधिकारियों से बात करेंगे। उन्होंने बताया कि एआरएम से बात कर रोडवेज बसों का संचालन कराने का प्रयास किया जाएगा।
ये गांव जुड़े हैं किरतपुर-नहटौर रोड से
पीपलसाना, जीवनपुर, शादीपुर, गनौरा, हरदासपुर, लालपुर, जलालपुर, नंदपुर, कुम्हेड़ा, खुशियाकी, इस्सेपुर, आल्लूवाला, गधेली, बेगावाला, पमड़ावली, गाजीपुर, बढ़ापुर, पाडला, सिसौना, शाहपुर रतन, कसौर, पैहरूवाला, लक्खूवाल, बनखला, देहरी, चंदुपुरा, नरगदी, ककराला, महुआ, लल्लावाला, अहमदनगर, नवादा, तकीपुरा, गिलाड़ी, गिलाड़ा आदि।