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मेरठ आकर वसूली गई 60 लाख की फिरौती, एक क्लिक में पढ़ें पूरी खबर

Mon, 26 Jun 2017 06:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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अरसम के पिता इरफान
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स्क्रैप कारोबारी व जली कोठी व्यापार संघ के अध्यक्ष हाजी इरफान कुरैशी ने फिरौती देकर अपना बेटा अरसम सकुशल बरामद कर लिया। बदमाशों ने फिरौती के लिए बार बार कॉल की, लेकिन पुलिस उनकी लोकेशन तक पता नहीं कर सकी। इस मामले में मेरठ पुलिस फेल साबित हुई। पुलिस का दावा कि जिन बदमाशों ने छात्र अगवा कर फिरौती वसूली है, उसका पता लग चुका है। अपहरण में एक महिला समेत एक करीबी का हाथ है। ईद के बाद चौंकाने वाला खुलासा होगा। 
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देहलीगेट क्षेत्र के पटेलनगर निवासी स्क्रैप कारोबारी इरफान कुरैशी के बेटे अरसम का शुक्रवार शाम बदमाशों ने आबूलेन से अपहरण किया था। बदमाशों ने नौ बार इरफान और उसके बड़े बेटे सुहेब को कॉल कर दो करोड की फिरौती मांगी। फिरौती के पैसे कम कराने को लेकर दो दिन से बदमाश और इरफान की फोन पर बातचीत चल रही थी। पुलिस ने बदमाशों की कॉल सुनी, लेकिन उनका सुराग नहीं लगा सकी। पुलिस दावा करती रही कि बदमाश हर बार अलग नंबर और लोकेशन बदल बदलकर कॉल कर रहे है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शनिवार देर रात इरफान ने अपने बेटे को बचाने के लिए बदमाशों को 60 लाख रुपये की फिरौती की रकम दे दी। बदमाशों ने दोपहर को अरसम को भैसाली बस अड्डे पर छुड़वा दिया। 

बदमाशों ने शनिवार सुबह अरसम की बात उसके पिता इरफान से कराई थी। अरसम ने अपने पिता से कहा था कि पापा यह लोग बहुत खतरनाक है। इनको पैसा दे दो, नहीं तो यह मुझको मार देंगे। उसके बाद बदमाशों ने दोपहर को इरफान से फिर फोन पर बात की। इरफान बार बार गिड़गिड़ाता रहा और फिरौती का पैसा कुछ कम करने को कहा। कम होते होते 60 लाख रुपये देने में बात बनी। पुलिस के मुताबिक इरफान ने शानिवार रात को बदमाशों के बताए ठिकाने पर पैसा भिजवा दिया। बदमाशों ने सुबह होते ही अरसम को छोड़ दिया।
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बदमाशों की कॉल सुनती रही पुलिस

अरसम के मिलने के बाद इकट्ठा हुए लोग
बदमाशों की पांच कॉल पुलिस ने सुनी। पुलिस बदमाशों के मोबाइल नंबर का पता लगाती रही और वह अपनी लोकेशन बदलते रहे। पुलिस का दावा है कि वह बदमाशों तक पहुंचने वाले थे, लेकिन उनको डर था कि बच्चे के साथ कोई अनहोनी न हो जाए। इसलिए फिरौती देने जा रहे इरफान को नहीं रोका। बदमाश पकड़े जायेंगे और उसका एक एक पैसा वापस हो जाएगा। हाजी इरफान ने बेटे की जान को जोखिम में डालने का रिस्क एक बार भी नहीं लिया। पुलिस बार बार उसको कहती रही कि टेंशन मत लो, वह छात्र को सकुशल बरामद कर लेगी। लेकिन इरफान को यकीन था कि बदमाशों की बात नहीं मानी तो वह उसके बेटे को मार सकते है। पिता ने अरसम को मुक्त कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पिता के प्रयास से ही अरसम छुटकर आया है।

मंदिर-मस्जिद को छोड़कर कहीं भी रखवा लो पैसा
मेरठ। अपहृत बेटे को छुड़ाने के लिए कारोबारी इरफान एक बार भी फिरौती की रकम देने से पीछे नहीं हटे। अपहरणकर्ता लगातार कारोबारी के परिवार को कॉल कर दो करोड़ की फिरौती मांगते रहे, लेकिन हर बार वह कॉल कर अपनी लोकेशन बदल देते थे। पूरे घटनाक्रम में बबदमाश पुलिस की घेराबंदी और रेकी क ो समझ गये थे। यही वजह रही कि फिरौती में मोटी रकम वसूलने के बाद बदमाश भागने में कामयाब रहे।

बदमाशों ने इरफान से कहा कि जहां हम कहेंगे, वहां की मंदिर और मस्जिद में पैसा रख दो। पैसा रखने की बात सुनकर कारोबारी हां तो भरते थे, लेकिन यह भी कहते थे कि अपहरण की फिरौती के नाम पर मंदिर और मस्जिद को बदनाम मत करो। उसके बाद भी बदमाश धार्मिक स्थल पर पैसा रखने पर अडे़ रहे। कारोबारी ने दूसरी बार कॉल आने पर भी कहा कि कम से कम धार्मिक स्थल को बदनाम मत करो, इन्हें छोड़कर कहीं भी पैसा रखवा लो। दो करोड़ की फिरौती मांगकर बदमाश एक करोड़ पर आ गये। उसके बाद कारोबारी इंतजाम होने की बात कहते रहे। कारोबारी ने कहा कि बस अड्डा, रेलवे स्टेशन सिनेमा हाल या अन्य कहीं भी पैसा पहुंचा दूंगा।

फिरौती नहीं दी, पुलिस के दबाव में छोड़ा बेटा : पिता
अरसम के पिता हाजी इरफान ने कहा कि उन्होंने किसी को कोई फिरौती नहीं दी।  पुलिस के दबाव की वजह से ही अपहरर्णकर्ताओं ने उसे छोड़ा है। वह रविवार शाम साढे़ चार बजे खुद मोहन नगर से बस में बैठकर आ गया है।

एडीजी आनंद कुमार का कहना है कि छात्र सकुशल अपने घर लौट आया है। बदमाशों की तलाश जारी है और इस वारदात का पुलिस ईद के बाद खुलासा करेंगी। अभी छात्र कुछ ज्यादा बोलने की स्थिति में नहीं है।

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