अमर उजाला ब्यूरो
सरूरपुर। मदरसा जामिया दारूसस्लाम पांचली बुजुर्ग में एक दिवसीय सालाना जलसे का आयोजन किया गया। दीनी जलसे में मौलानाओं ने लोगों से नबी के तरीकों से पर जिंदगी गुजारने के लिए नसीहत किया। जलसे के समापन आलिमों ने मुल्क में अमन चैन के लिए दुआ कराई।
पांचली बुजुर्ग में आयोजित जलसे की शुरूआत कारी मौहम्मद अनस ने तिलावत करते हुए की। इसके बाद अब्दुल माजिद ने नाअत पढक़र शमां बांधा। वहीं, इस मौके पर मुफ्ती अब्दुस्समी ने अकीदतमंदों को खिताब करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास पाक परवरदिगार की इबादत के लिए वक्त नहीं रहा है। जिसके चलते लोगों को जिंदगी में सुकून नहीं मिल रहा है। मुसलमान नौकरी में कामयाबी ढूंढ रहा है। जबकि कामयाबी अल्लाह ने अपने रसूल के बताये रास्ते में रखी है। उन्होंने कहा कि इंसान दुनिया में अगर कामयाब होना चाहता है तो उसे नबी के बताये रास्ते पर जिंदगी गुजारनी होगी। इस दौरान मौलाना मसूद कासमी ने नमाज की अहमियत पर भी रोशनी डाली, जिसमें उन्होंने फरमाया कि इंसान को कहीं भी रहते पांच वक्त की नमाज जरूर पढ़नी चाहिए। जबकि दारुल उलूूम देवबंद के प्रवक्ता मौलना यामीन ने कुरान शरीफ की अहमियत बताते हुए कहा कि कुरान को लोगों की हिदायत के लिए उतारा गया है। इससे इंसान जिंदगी और मौत के बाद भी कामयाबी हासिल कर सकता है। साथ ही उन्होंने दो लड़कों व एक लड़की के कुरान हिफ्ज करने पर उनकी दस्तारबंदी की। आखिर में मौलाना मसूद कासमी ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर मुल्क में अमनों अमान के लिए दुआ कराई। जलसे की सदारत मौलाना फरहत उमर व संचालन मौलाना शाहवेज ने किया। इस दौरान मदरसे के मोहतमिम मौलाना यूसुफ मसूद कासमी, मौलाना असलम, हाफिज बाबर, कारी फजर, मौलाना मुकर्रम आदि मौजूद रहे।
मुख्य बातें
मदरसा जामिया दारूसस्लाम पांचली बुजुर्ग में एक दिवसीय सालाना जलसे का आयोजन