महाशिवरात्रि को लेकर सजने लगे शिवालय
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। महाशिवरात्रि पर हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ियों का जत्था गंगनहर की पटरी से होते हुए शिवालयों की तरफ बढ़ रहा है। रविवार को गंगनहर की पटरी केसरिया रंग में डूब गई। कांवड़िये भगवान शिव का जलाभिषेक करने के साथ पुलवामा में शहीद हुए जवानों के नाम कांवड़ लेकर शिवालयों की ओर रवाना हुए।
महाशिवरात्रि पर्व सोमवार को है। भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने के लिए हजारों कांवड़िये हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे हैं। रविवार को दिनभर कांवड़ियों के जत्थे गंगनहर की पटरी पर पहुंचे। हापड़ के सिंभावली निवासी गौरव ने बताया कि वह देश में शांति और पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों के लिए कांवड़ लेकर आया है। इसके अतिरिक्त हापुड़ के गांव झंडा मुशर्रफपुर निवासी सर्वेश, सूरज, रोहित, गोलू, बबलू ने बताया कि वह शहीदों को समर्पित कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार गए थे। वह शिवालय में भगवान शिव को जलाभिषेक करने के बाद जवानों की आत्मा के लिए पूजा-अर्चना करेंगे। उन्होंने कहा कि देश में अमन चैन बना रहे, इसके लिए कांवड़ लेकर आए हैं। वहीं, दूसरी ओर गंगनहर से गुजरने वाले कांवड़ियों की सेवा के लिए हापुड़ निवासी मूलचंद, मनोज, अनिल, पपेंद्र, संजय चौधरी ने सेवा शिविर लगाया है। उन्होंने यहां कांवड़ियों की जमकर सेवा की और जलपान कराया। देर शाम तक गंगनहर की पटरी से सैकड़ों कांवड़िये रवाना हुए। सुरक्षा की दृष्टि से गंगनहर की पटरी पर पुलिस बल तैनात किया है।
सजने लगे शिवालय, आज होगा जलाभिषेक
महाशिवरात्रि को लेकर नगर के शिव मंदिरों में तैयारियां होनी शुरू हो गई है। शिवालयों में झालरों व रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया। बड़ा महादेव मंदिर के पुजारी पंडित वाचस्पति भट्ट ने बताया कि महाशिव रात्रि के पर्व को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कांवड़ियों के रुकने के लिए मंदिर परिसर में व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि रविवार रात 3 बजे से त्रयोदशी एवं सोमवार दोपहर 4 बजकर 20 मिनट से चतुर्दशी का जल चढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बड़ा महादेव मंदिर में नगर व आसपास के गांव के सैकड़ों ग्रामीण भगवान का हर वर्ष जलाभिषेक करते हैं।