सहारनपुर। लखनऊ मुख्यालय स्तर पर चिप की कमी से जिले के 34 हजार से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस अटक गए हैं। इसके चलते आवेदकों की परेशानी बढ़ गई है। आए दिन आवेदक संभागीय परिवहन कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। बिना लाइसेंस ही वाहन चला रहे हैं। ऐसे में उन्हें चालान का भी डर है।
दरअसल, ट्रांसपोर्ट नगर स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय में प्रतिदिन लगभग 270 लोग लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं। इनमें 180 स्थायी लाइसेंस और 90 नवीनीकरण व डुब्लीकेट के आवेदन शामिल हैं। स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस आने में 10 से 15 दिन लगते हैं, लेकिन इन दिनों लाइसेंस हासिल करना मुश्किल हो गया है। आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ड्राइविंग टेस्ट पास करने के बाद भी लोगों के डीएल नहीं मिल रहे हैं। यह समस्या जिले में एक अप्रैल 2024 से बनी आ रही है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, एक अप्रैल से 31 दिसंबर तक 34,886 ड्राइविंग लाइसेंस फंसे हुए हैं। लाइसेंस नहीं आने से आवेदक परेशान हैं। कार्यालय के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। संभागीय परिवहन अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर कोई डीएल या पंजीकरण लंबित नहीं है। विभाग में डीएल बनाने का काम पहले ही निजी कंपनी को दिया जा चुका है। अस्थायी यानी लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस फेसलेस है। किसी भी जन सुविधा केंद्र पर जाकर बनवाया जा सकता है, लेकिन स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पहले टेस्ट देना होता है।