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अपने ही सवाल जवाब से भर दीं कॉपियां

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यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का हाल बेहाल
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नकल पर नकेल का असर, गुहार लगा रहे परीक्षार्थी

मेरठ। यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल पर नकेल कसने का असर दिख रहा है। सोमवार को मूल्यांकन केंद्रों पर काफी संख्या में ऐसी उत्तर पुस्तिकाएं मिली हैं, जिनमें परीक्षार्थियों को सवालों के जवाब नहीं आते थे तो उन्होंने अपने से ही सवाल और जवाब लिखे हुए थे। यानि जो उन्हें आता था, वह उन्होंने लिखा दिया। जो परीक्षा में पेपर आया था, उन सवालों के जवाब नहीं लिखे।
कई परीक्षार्थियों ने तो प्रश्न का उत्तर न आने की सूरत में कॉपियों को सवालों से ही भरा हुआ था। यह हाल जीआईसी में इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों का जीव विज्ञान, अंग्रेजी और रसायन विज्ञान आदि में रहा। यूपी बोर्ड की परीक्षा के तहत इंटरमीडिएट और हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन रविवार को शुरू हो गया था। मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हो रहा है। मेरठ में पांच लाख 84 हजार 321 कॉपिया जांची जाएंगी।
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‘मुझे पास कर दो, नहीं तो मेरा रिश्ता टूट जाएगा’
अंग्रेजी की उत्तर पुस्तिका में एक परीक्षार्थी ने लिखा है कि मुझे पास कर दो, नहीं तो मेरा रिश्ता टूट जाएगा, मेरी शादी होने वाली है। इस तरह की बातें और भी कई उत्तर पुस्तिकाओं में लिखी हुई मिली हैं।

दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में अनुपस्थित रहे परीक्षक
मूल्यांकन के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में परीक्षक अनुपस्थित रहे। जीआईसी में 87 अनुपस्थित रहे, राम सहाय इंटर कॉलेज में 108 अनुपस्थित रहे। एसडी सदर में 155 और केके इंटर कॉलेज में 85 परीक्षक अनुपस्थित रहे। यानि 435 की परीक्षक अनुपस्थित रहे। चारों परीक्षा केंद्रों पर दो दिन में 38850 उत्तर पुस्तिकाएं जांची जा चुकी हैं।

बिजली न आने से परेशानी
राजकीय इंटर कॉलेज में विद्युत व्यवस्था खराब होने के कारण परीक्षकों को कॉपियां जांचने में परेशानी हुई। निरीक्षक करने पहुंचे जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी से उन्होंने इसकी शिकायत की। प्रधानाचार्य फतेह चंद ने बताया कि जेनरेटर की व्यवस्था है। बिजली जाने पर जेनरेटर से लाइट आने में थोड़ा सा समय तो लगता ही है।

उत्तर पुस्तिकाओं जांचने के बढ़ेंगे पैसे!
माध्यमिक शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने के पैसे बढ़ाने की तैयारी चल रही है। हालांकि अभी आदेश जारी नहीं किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि अभी तक एक उत्तर पुस्तिका को इंटर के 10 रुपये और हाईस्कूल के आठ रुपये मिलते हैं, इन्हें 11 रुपये और 13 रुपये करने की तैयारी है। इसी तरह केंद्र व्यवस्थापक के 60 से 80 रुपये, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक के72 से 96 और प्रधान व्यवस्थापक के 300 रुपये से 400 रुपये करने की तैयारी है।

सीडीओ और डीआईओएस ने किया निरीक्षण
सीडीओ आर्यका अखौरी ने एसडी सदर इंटर कॉलेज और जिला विद्यालय निरीक्षक ने राजकीय इंटर कॉलेज में निरीक्षण किया। यह दोनों मूल्यांकन केंद्र बनाए हुए हैं। एसडी सदर में सीडीओ के निरीक्षण के दौरान भी डीआईओएस उनके साथ रहे। दोनों अधिकारियों ने परीक्षकों से उनकी समस्याएं भी पूछीं।
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25 मार्च तक पूरा करना है मूल्यांकन
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि यूपी बोर्ड का मूल्यांकन कार्य 25 मार्च तक समाप्त करना है। कुछ परीक्षक मूल्यांकन केंद्रों पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं। जिन परीक्षकों की ड्यूटी मूल्यांकन केंद्रों पर लगी है, उन्हें तत्काल विद्यालयों से कार्यमुक्त कर उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए भेजा जाए। अगर कोई जानबूझकर अनुपस्थित रहेगा तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 25 मार्च के बाद शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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