एक ही दिन में हो गए महीनों से लटके काम
मेरठ। कर्मचारी भविष्य निधि विभाग ने शुक्रवार को निधि आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें काफी संख्या में लोग पहुंचे। निधि आयुक्त सीधे उनसे रूबरू हुए और सात लोगों के विभिन्न वजहों से अटके फंड पेंशन के प्रकरण एक घंटे में हल कर दिए।
जागृति विहार स्थित निधि कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में मेरठ क्षेत्रीय कार्यालय से जुडे़ प्राइवेट नौकरी पेशा लोगों और उनके नियोक्ताओं को आमंत्रित किया गया था। सुबह 10 बजे क्षेत्रीय निधि आयुक्त सूरज शर्मा, सहायक आयुक्त सीके सैनी, सुरेश अरोड़ा, शशांक जायसवाल ने लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान आठ मामलों में तत्काल समाधान हो गया, जबकि दर्जनों लोग विभिन्न तरह की जानकारियां लेकर गए। इनमें अकाउंट अफसर राजेंद्र कुमार, अक्षय कुमार आदि स्टाफ का सहयोग रहा। वहीं कार्यक्रम में प्राइवेट फर्म संस्थाओं के नियोक्ताओं को भी अपनी समस्या के समाधान के लिए बुलाया गया था, लेकिन कोई भी नियोक्ता नहीं पहुंचा।
इनकी हुईं समस्याएं दूर
बागपत शुगर मिल से रिटायर ऋषिपाल सिंह के सर्विस कागजातों और आधार कार्ड में दर्ज नाम में गलती थी। इस कारण उनकी पेंशन शुरू होने में दिक्कत आ रही थी। उन्होंने ये गलती ठीक करा ली, लेकिन पेंशन चालू नहीं हुई थी। शुक्रवार को आयुक्त सूरज शर्मा ने विभागीय रिकॉर्ड दुरुस्त कराकर पेंशन चालू करा दी। वहीं सहारनपुर से आए जितेंद्र चौहान वहां की सिगरेट फैक्ट्री में काम करते हैं, उनका पीएफ का भुगतान नहीं हो पा रहा था। उनके कागजात चेक कराए गए तो पता चला कि उनके फार्म 19 में बैंक अकाउंट गलत दर्ज है इस वजह से परेशानी हो रही थी। इसके बाद उनकी समस्या का भी समाधान किया गया। बरेली से आए लालचंद नंगलामल चीनी मिल से रिटायर थे। उनकी पेंशन शुरू नहीं हो पा रही थी। चेक किया गया तो पता चला कि कागजों में उनकी डेट ऑफ बर्थ गलत थी। इसके बाद उनका हाईस्कूल का प्रमाण पत्र लिया गया। इसके बाद शाम तक उनकी पेंशन चालू करा दी गई। इसके अलावा गाजियाबाद स्टील फैक्ट्री से रिटायर फरमान अली की पीएफ क्लेम भी दो बार लौटाया जा चुका था। पता चला कि रिकॉर्ड में उनका नाम और डेट ऑफ बर्थ गलत थी। उनके भी कागजात पूरे कर समस्या का समाधान किया गया।