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कपसाड़ और चकबंदी में 300 बीघे फसल जलमग्न

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कपसाड़ और चकबंदी में 300 बीघे फसल जलमग्न
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सरधना। सलावा चप की रजबहा पटरी टूटने से बुधवार रात कपसाड़ और चकबंदी गांव के करीब 300 बीघा खेतों में पानी भर गया। इससे 50 किसानों की गेहूं और गन्ने की फसल को नुकसान हुआ है। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों की सूचना के घंटों बाद सिंचाई विभाग ने रजबहा का पानी बंद कराया।
कपसाड़ और चकबंदी के जंगल में बीते तीन माह में पांच से छह बार रजबहा पटरी टूट चुकी है। किसानों का कहना है कि जिन जगहों पर पटरी कमजोर हो गईं हैं, सिंचाई विभाग उन्हें ठीक नहीं करा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग ऑपरेटर से सेटिंग करके रजबहा में ज्यादा पानी छुड़वा देते हैं। बुधवार रात पटरी टूटने से ओम सिंह, रोहताश, बबलू, राजकुमार, अनिल, सुनील, हरवीर सिंह, यशपाल सिंह, सीतराम, राजपाल, रामभूल, वीर सिंह, श्रीपाल, चंद्रवीर, रामवीर, मदनपाल, कालू, राजू, सतीश, विनोद कुमार समेत करीब 50 किसानों के खेतों में पानी भर गया। इससे गेहूं, आलू, सरसों की फसल को नुकसान हुआ। जिन खेतों में हाल ही में गन्ने की बुआई की गई है। उन्हें ज्यादा नुकसान हुआ है।
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11 फरवरी को रजबहा की पटरी टूटने से कपसाड़ निवासी रामभूल, तेजपाल, सोनू, श्रीपाल, शिवकुमार के खेत जलमग्न हो गए थे। उन्होंने मामले की एसडीएम ने शिकायत कर जांच की मांग की थी। लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई। मामले में सिंचाई विभाग के तारबाबू जसबीर सिंह का कहना है कि रात में रजबहा में ज्यादा पानी छोड़ा गया। वह नियम विरुद्ध था। घटना की जांच कर कार्रवाई कराई जाएगी।
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एसडीएम सरधना अमित भारतीय का कहना है कि रजबहा की पटरी टूटने से खेतों में पानी भरने का मामला सामने आया है। मामले की जांच कराई जा रही है। जिस भी कर्मचारी की लापरवाही सामने आएगी, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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