सरकारी भूमि का सीमांकन करती तहसील की टीम।
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हस्तिनापुर(मेरठ)। खादर क्षेत्र के मनोहरपुर गांव के जंगल में ग्रामीणों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर गन्ने की फसल बोई हुई है। बृहस्पतिवार को शिकायत पर एसडीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग के तीन निरीक्षकों की टीम के साथ लेखपाल और थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सरकारी भूमि का सीमांकन किया। जिसमें 250 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर स्थानीय किसानों का कब्जा मिला। अधिकारियों के मुताबिक सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से बोई गन्ने की फसल को नीलाम किया जाएगा।
खादर क्षेत्र में गंगा किनारे सरकारी भूमि पर खड़ी फसल का मामला नया नहीं है। इससे पूर्व में भी इस तरह की शिकायतें मिलती रहीं हैं। परंतु ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है। गांव मनोहरपुर के लोगों द्वारा एसडीएम मवाना कमलेश गोयल से लगातार गांव में सरकारी भूमि पर कुछ स्थानीय लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर गन्ने की फसल बोने की शिकायत की थी। संज्ञान लेते हुए बृहस्पतिवार को एसडीएम कमलेश गोयल ने सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए राजस्व विभाग की टीम बनाई। जिसमें तीन राजस्व निरीक्षकों में धर्मपाल सिंह किठौर, सुशील शर्मा परीक्षितगढ़, अरविंद कुमार हस्तिनापुर के साथ लेखपाल विनय शर्मा, धर्मवीर सिंह, गौरव कुमार, जितेंद्र वर्मा, हरवीर सिंह आदि रहे। सभी पुलिस के साथ भीकुंड गंगा पुल के पार मनोहरपुर गांव के जंगल में पहुंचे। टीम ने जंगल का नक्शा निकाल कर गहनता से जांच की। जिसमें सरकारी भूमि की पहचान की गई। इस दौरान सरकारी जमीन पर लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की फसल खड़ी मिली। मौके पर मौजूद टीम ने सरकारी जमीन का सीमांकन किया और स्थानीय लोगों को सूचना दी कि जिलाधिकारी के निर्देश पर सरकारी भूमि पर गन्ने की फसल बोने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। टीम ने गन्ने की फसल को जल्द ही नीलाम करने की बात कही। टीम में मौजूद राजस्व निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले अन्य गांव के किसानों पर भी जल्द ही कार्रवाई होगी।
खादर में बड़े पैमाने पर है अवैध कब्जा
खादर क्षेत्र में गंगा किनार सरकारी भूमि पर हर साल बड़ी मात्रा में कुछ लोगों द्वारा कब्जा किया जाता है। उसके बाद स्थान के आधार पर रेट तय कर दूसरे लोगों को फसलों की बुआई के लिए देते हैं। जिसमें किसान पलेज सहित अन्य फसल बोता है। शिकायत पर अधिकारी कार्रवाई करना उचित नहीं समझते हैं।