मेरठ। आवेदन के बाद भी लोड बढ़ाने में आनाकानी करने वाला पीवीवीएनएल इन दिनों उपभोक्ताआें का बिना स्वीकृति के ही लोड बढ़ाने में लगा है। यह खेल पूरे पश्चिमांचल में चल रहा है। लोड बढ़ने से उपभोक्ता के पास न केवल बढ़े हुए लोड का फिक्स चार्ज लगकर पहुंच रहा है बल्कि बढ़े बिल की सिक्योरिटी मनी भी बिल में लगकर जा रही है। बढ़े लोड के बिल देखकर उपभोक्ता परेशान है। पीड़ित उपभोक्ता बिल ठीक कराने अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं लेकिन वहां से उन्हें टरकाया जा रहा है।
केस नंबर एक
टीपीनगर निवासी सुदेश पाल ने बताया कि उनके पास दो किलोवाट का घरेलू कनेक्शन है। पिछले दिनों उनके पास जो बिल भेजा गया वह तीन किलोवाट का था। उन्होंने इसकी शिकायत की तो अधिकारियों ने बताया कि आपके कनेक्शन में बिजली की डिमांड ज्यादा आने से लोड बढ़ाया गया है।
केस नंबर दो
पांडव नगर निवासी राकेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने चार साल पहले तीन किलोवाट का कनेक्शन लिया था। लेकिन अब उनका कनेक्शन चार किलोवाट का कर दिया है। बढ़ा लोड देखने के बाद उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की तो बताया कि आपके कनेक्शन पर तीन किलोवाट से ज्यादा लोड चल रहा था। इसलिए कनेक्शन का लोड बढ़ाया गया है।
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अधिकतम डिमांड के चलते बढ़ाया जा रहा लोड
अधिकारियों का तर्क है कि कनेक्शन के स्वीकृत लोड पर चल रही बिजली की अधिकतम डिमांड के आधार पर ही लोड बढ़ाया जा रहा है। यदि किसी दो किलोवाट के कनेक्शन पर दो किलोवाट से ज्यादा लोड चल रहा है तो उसका लोड उसी आधार पर बढ़ाया जा रहा है। इसमें उपभोक्ता को हैरान होने की जरूरत नहीं है।
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निजी नलकूपों के भी बढ़ा दिए थे लोड
इससे पहले बिजली विभाग ने किसानों के नलकूपों के भी एकमुश्त लोड बढ़ा दिए थे। पांच किलोवाट भार वाले नलकूपों को साढ़े सात किलोवाट और साढ़े सात किलोवाट वाले नलकूपों को दस किलोवाट कर दिया था। किसानों ने इसकी न केवल शिकायत की थी बल्कि किसान संगठनों ने आंदोलन भी किया था, लेकिन सुनवाई नहीं हुई थी। आज भी किसान बढ़े लोड अनुसार ही बिजली बिल भरते आ रहे हैं।
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वर्जन....
स्वत: बढ़ाया जा सकता है लोड
उपभोक्ता स्वीकृत लोड से अधिक लोड कनेक्शन पर चला रहे हैं। इसका खुलासा इलेक्ट्रानिक मीटर अधिकतम डिमांड बताकर कर देता है। यदि उपभोक्ता ने लगातार तीन माह तक स्वीकृत लोड से अधिक लोड इस्तेमाल किया है तो उस कनेक्शन का लोड स्वत: बढ़ाया जा सकता है। लगातार अधिक लोड इस्तेमाल नहीं करने की सूरत में अधिकतम डिमांड की पेनाल्टी वसूली जाती है। -संजीव राणा, अधीक्षण अभियंता मेरठ शहर