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डिप्टी रजिस्ट्रार सोसायटीज ने भेजा सोफिया गर्ल्स स्कूल को नोटिस

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सोसायटी एक्ट उल्लंघन में फंसा सोफिया गर्ल्स स्कूल
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मेरठ। सोफिया गर्ल्स स्कूल सोसायटी एक्ट के नियमों के उल्लंघन में फंसता नजर आ रहा है। पुराने समय से चल रहे मामले पर अब डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसायटीज ने सोफिया स्कूल सोसायटी के सचिव को नोटिस जारी किया है। जिसमें सोसायटी का पंजीकरण निरस्त करने के साथ ही सोसायटी के बैंक खाते और संपत्ति सीज करने की चेतावनी दी है।
डिप्टी रजिस्ट्रार सुभाष सिंह द्वारा शनिवार को जारी नोटिस में कहा गया है कि एजुकेशनल सोसायटी ऑफ सोफिया स्कूल के द्वारा जो धन दूसरी संस्थाओं को हस्तांतरित किया गया था, वह धनराशि एजुकेशनल सोसायटी ऑफ सोफिया स्कूल को मिली है या नहीं, इसका जवाब मांगते हुए 20 मार्च 2009 को पत्र लिखा गया था। इसके लिए 28 अप्रैल 2018 तक पूरी जानकारी मांगी गई थी। डिप्टी रजिस्ट्रार ने यह भी कहा था कि यदि जवाब नहीं मिलता है तो यह संस्था के धन का गबन माना जाएगा। इस मामले में सोफिया सोसायटी की तरफ से 25 अप्रैल को डिप्टी रजिस्ट्रार को पत्र लिखा गया, जिसमें 20 दिन का समय मांगा गया था। पत्र में कहा गया था कि वित्तीय वर्ष के ऑडिट आदि का काम पूरा होने के बाद इसकी सूचना दी जाएगी।
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इस पर डिप्टी रजिस्ट्रार सुभाष सिंह ने दूसरा पत्र जारी करते हुए कहा कि उनके कार्यालय ने जो जानकारी मांगी है, वह इस या पिछले वित्तीय वर्ष की न होकर उससे पूर्व के वर्षों की है। इसलिए सूचना 5 मई तक प्राप्त हो जानी चाहिए। लेकिन जवाब प्राप्त न होने पर अब डिप्टी रजिस्ट्रार ने नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर का भी हवाला दिया है, जिसमें प्रकाशित हुआ था कि सोफिया गर्ल्स स्कूल अपने यहां से 10 वीं पास करने वाली बच्चियों का 11 वीं में प्रवेश नहीं कर रहा है।

नोटिस में ये लगाये आरोप
डिप्टी रजिस्ट्रार ने नोटिस में कहा है कि समिति के अध्यक्ष का पूर्ण पता प्रबंध समिति की सूची में अंकित नहीं है। इस समिति की धनराशि जो छात्राओं से फीस के रूप में वसूली जाती है, उसका दुरुपयोग कर अन्य संस्थाओं को स्थानांतरित किया गया है, जो सोसायटी एक्ट की धारा का उल्लंघन है। सोसायटी एक्ट के तहत समिति का पंजीकरण नो प्रोफिट नो लॉस के आधार पर उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किये जाने का प्रावधान है। लेकिन संस्था द्वारा अत्यधिक फीस लेकर लाभ कमाया जा रहा है।
नोटिस में कहा गया है कि जो बच्चे कक्षा 10 में पास हुए हैं, उनको कक्षा 11 में प्रवेश न देकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। स्कूल प्रधानाचार्या अभिभावकों से नहीं मिलती हैं और अभिभावकों के साथ स्कूल में दुर्व्यवहार करने के साथ बच्चों का भविष्य खराब करने की मौखिक धमकी दी जाती है। सोफिया स्कूल में बने संविधान एवं आईसीएससी बोर्ड की नियमावली में ऐसा कौन सा नियम है कि पास बच्चाें को स्कूल में दाखिले से रोका जाए। जब छात्राएं इसी स्कूल में पढ़ रही हैं और नंबर कम आये हैं तो उसके लिए प्रधानाचार्या और शिक्षिकाएं क्या दोषी नहीं है। इसमें बच्चों का क्या अपराध है? जिसके कारण इन्हें आप द्वारा पढ़ने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। इन तमाम आरोपों को लगाने के बाद डिप्टी रजिस्ट्रार ने 29 मई तक जवाब न देने की स्थिति में समिति का पंजीकरण निरस्त करने के साथ ही समस्त बैंक एकाउंट और संपत्तियों को सीज करने की कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
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स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर लूसी शहर में नहीं हैं। वो सोमवार को आएंगी तभी मामले की जानकारी मिलेगी। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं हैं। मिर्जा शहबाग बेग, पीआरओ सोफिया गर्ल्स स्कूल
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