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अडानी ग्रुप बदलेगा शताब्दी नगर की सूरत

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अडानी ग्रुप बदलेगा शताब्दी नगर की सूरत
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मेरठ। मेरठ की शताब्दी नगर योजना की सूरत गुजरात का अडानी ग्रुप बदल सकता है। अडानी ग्रुप के प्रतिनिधि ने इस योजना में भी भ्रमण किया है। कहा है कि यह जमीन ग्रुप के लॉजिस्टक सेंटर और ड्राई पोर्ट्स के लिए मुफीद है। इस बाबत लखनऊ में इन्वेस्टर समिट में ग्रुप ने प्रस्ताव शामिल किया है। चूंकि ग्रुप मेरठ मेट्रो ट्रेन के प्रोजेक्ट में भी इन्वेस्ट करने का इच्छुक है, तो मेरठ के अन्य कई इससे जुड़े प्रस्तावों में इस ग्रुप की भागीदारी मेरठ के लिए बड़ा कदम साबित हो सकती है।
विकास की कई ऐसी योजनाएं मेरठ में हैं जो वर्षों से उचित कदम उठाए जाने का इंतजार कर रही हैं। अब लखनऊ में इन्वेस्टर समिट हो रही है तो इससे मेरठ के विकास की राहें भी खुलने को आतुर नजर आ रही हैं। सबसे अहम यहां मेरठ मेट्रो का प्रस्ताव है जिसके लिए इन्वेस्टर की तलाश हो रही है। शासन खुद कह रहा है कि इसके लिए इन्वेस्टर तलाशो। ऐसे में कई ग्रुप आमंत्रित किए गए हैं। अच्छी बात यह है कि अडानी ग्रुप ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है। ग्रुप के एक प्रतिनिधि ने मेरठ आकर बाकायदा एमडीए अधिकारियों से बैठक की और पूरे प्रस्ताव पर चर्चा की। सकारात्मक जवाब दिया और यह वायदा कि लखनऊ समिट तक इस प्रस्ताव को ले जाया जाएगा। समिट में इस ग्रुप ने प्रस्ताव रखा भी है।
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मेरठ में तलाश पूरी, कनेक्टिविटी होगी बेहतर
अडानी ग्रुप लॉजिस्टिक सेंटर एंड ड्राई पोर्ट्स के लिए जमीन तलाश रहा है। मुख्यत: यह कंटेनर डिपो के रूप में काम करता है। खास तौर पर सप्लाई सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए लॉजिस्टिक सेंटर की आवश्यकता होती है। इस बाबत दिल्ली में भी जमीन देखी गई। लेकिन ग्रुप मेरठ की जमीन को सही मान रहा है। यहां चूंकि जमीन भी अपेक्षाकृत सस्ती है और कनेक्टिविटी भी जल्द बेहतर होने जा रही है। निकट भविष्य में दिल्ली एक्सप्रेस वे बन रहा है। डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर जल्द ही डेवलप होगा तो इसकी बेहतर कनेक्टिविटी भी यहां से ही मिलेगी। ऐेसे में ग्रुप को शताब्दीनगर में बेहतर भविष्य नजर आ रहा है। इसके अलावा निकट से ईस्टर्न पेरीफेरल हाइवे शुरू हो रहा है। यानी यह जमीन इस सेंटर के लिए मुफीद है। दिल्ली नजदीक ही होने के कारण एयर कनेक्टिविटी भी ठीक मानी जा रही है।
मौके पर देख ली जमीन
एमडीए वीसी साहब सिंह के साथ ग्रुप के प्रतिनिधि ने शताब्दीनगर का भ्रमण किया। यह पूरी योजना 1608 एकड़ की है, जिसमें लगभग 650 एकड़ जमीन अभी खाली ही पड़ी है। यहां किसान नई दर से मुआवजा मांग रहे हैं। चूंकि यहां काफी जगह खाली है तो यहां एक बेहतर योजना के साथ अडानी ग्रुप काम सकता है। चूंकि मेट्रो प्रोजेक्ट में भी ग्रुप दिलचस्पी दिखा रहा है मेरठ में दूसरे प्रोजेक्ट में हाथ आजमा कर ग्रुप इस क्षेत्र की कायापलट कर सकता है।
हम जमीन दिखा चुके हैं
अडानी ग्रुप शताब्दी नगर में जमीन लेकर अपना लॉजिस्टिक सेंटर बनाने पर विचार कर रहा है। हम ग्रुप के प्रतिनिधि को यहां जमीन दिखा भी चुके हैं। ग्रुप मेट्रो प्रोजेक्ट में दिलचस्पी दिखा रहा है। इन्वेस्टर समिट में प्रस्ताव रखे गए हैं। यह मेरठ के विकास के लिए एक बेहतर कदम साबित होगा। -साहब सिंह, वीसी एमडीए
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दो सौ नक्शे पास, टावर पर मांगी गाइडलाइन
मेरठ। ऑनलाइन नक्शे पास करने में मेरठ विकास प्राधिकरण बेहतर परफार्म कर रहा है। मेरठ से आगे केवल लखनऊ विकास प्राधिकरण चल रहा है। एमडीए ने गत दिवस तक दो सौ मानचित्र स्वीकृत कर दिए। इस बाबत तीन सौ आवेदन आए थे। वीसी के मुताबिक एमडीए ने शासन से टावरों के मानचित्र स्वीकृत करने के लिए दिशा निर्देश शासन से मांगे हैं। तीस से ज्यादा ऐसे नक्शे पेंडिंग हैं। यदि यह अनुमति मिली तो एमडीए का ग्राफ और ऊपर चला जाएगा।

खास खबरें
- एमडीए और समिट दोनों में ग्रुप ने रखा प्रस्ताव
- अडानी ग्रुप के प्रतिनिधि ने किया शताब्दीनगर का दौरा
- लॉजिस्टिक सेंटर और ड्राई पोर्ट्स बनाने के लिए शताब्दीनगर की जमीन को किया पसंद
- मेरठ मेट्रो प्रोजेक्ट में भी इन्वेस्ट करने की है मंशा

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