मेरठ। आरटीओ में वाहनों की फिटनेस परीक्षण के लिए 20 लाख रुपये की लागत से बनाया गया फिटनेस रैम्प वहां का कूड़ा जलाने के काम आ रहा है। अमर उजाला में खबर छपने के बाद शुक्रवार को रैम्प की सफाई और पानी से धुलाई तो करा दी, लेकिन आरआई के लिए बनाए गए दोनों पिट साफ नहीं हुए। एक पिट में ईंट व पत्थर पड़े हैं तो दूसरे पिट में कूड़े की राख पड़ी है।
आरआई चंपा लाल ने शुक्रवार को खुद मौके पर पहुंचकर गाड़ियों की चेकिंग की और सर्टिफिकेट जारी किए। आरटीओ में वाहनों का फिटनेस रैम्प होने के बावजूद इसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। नियमानुसार आरआई को रैम्प के पिट में बैठकर वाहन की नीचे से जांच करनी होती है। पूरे परीक्षण के बाद ही वाहनों को फिटनेस ओके का सर्टिफिकेट जारी हो सकता है। लेकिन यहां बाबू भी सर्टिफिकेट जारी कर देते हैं। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में मामले की खबर को प्रमुखता से उठाया था। खबर छपनेे के बाद हरकत में आए अधिकारियों ने रैम्प की सफाई और धुलाई तो करा दी, लेकिन पिट में पड़ा कूड़ा और ईंट आदि नहीं निकलवाई। वहीं आरटीओ डॉ. विजय कुमार ने बताया कि पहली नजर में जर्जर वाहन की जांच हर हालत में फिटनेस रैम्प पर ही करने के आदेश दे दिए हैं। रैम्प की सफाई भी करा दी है। यदि आदेश का पालन नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी।