मेरठ। मेरठ कॉलेज में लंबे समय से बिगड़ी व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए शनिवार को प्राचार्या डॉ. आभा चंद्रा ने अच्छी पहल की है। प्राचार्या ने शिक्षकों को संदेश दिया कि मेरठ कॉलेज की खोई पहचान तभी वापस आ सकती है, जब कॉलेज में छात्र-छात्राओं की संख्या पूरी हो। सभी शिक्षक रोजाना छह घंटे कॉलेज को दें। कक्षाएं सबकी पूरी हों। प्राचार्या ने खुद भी नियमित कक्षाएं लेने की बात कही।
डॉ. आभा चंद्रा ने प्राचार्या बनने के बाद शनिवार को मूट कोर्ट हॉल में शिक्षकों को संदेश देते हुए कहा कि यूजीसी और सरकार के नियमों का पालन कराना है। शिक्षक छह घंटे कॉलेज में दें। अपनी ड्यूटी पूरी करके शिक्षक धर्म निभाएं। उन्होंने कहा कि नए सत्र में नया करें। सभी कक्षाएं पूरी करें। उन्होंने छात्र-छात्राओं की हाजिरी 75 फीसदी कराने के लिए रोजाना हाजिरी लेने की भी बात कही। प्राचार्या ने कहा कि वे खुद भी कक्षाएं लेंगी। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक समय से कॉलेज आकर सहयोग करें। कक्षाओं के अलावा रिसर्च के लिए अतिरिक्त योगदान की जरूरत है। कॉलेज में जल्द ही नैक का निरीक्षण होना है। ऐसे में उसमें भी योगदान करें। इस दौरान कॉलेज में नए शिक्षकों का परिचय भी कराया गया। कार्यक्रम का संचालन लॉ विभागाध्यक्षा डॉ. अंजलि मित्तल ने किया।
- लंबे समय बाद प्राचार्या ने की अच्छी पहल, खुद भी लेंगी कक्षाएं
- शिक्षकों को दिए संदेश में प्राचार्या ने कॉलेज की सूरत बदलने की बात कही