विलुप्त नदियों को संरक्षित करें अधिकारी
मेरठ। प्रदेश के सिंचाई एवं सिंचाई यांत्रिक मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वो किसानों के हित में नहरों और रजवाहों में टेल तक पानी पहुंचाने के लिए सिल्ट सफाई का काम पारदर्शिता से करें। इस संबंध में किसानों की शिकायत प्राप्त होती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सर्किट हाउस में रविवार को मेरठ जोन की सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के लिए ड्रिप स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति को लागू किया गया है। जिसमें लघु सीमांत किसानों को 90 प्रतिशत व अन्य सभी किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान देने की व्यवस्था की है। प्रदेश में किसानों को भरपूर पानी देने के उद्देश्य से 20 हजार करोड़ रुपये से मुख्यमंत्री कृषि फंड की स्थापना की जाएगी। समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह नहरों व नालों की सिल्ट सफाई की शुरुआत जनप्रतिनिधियों से कराएं तथा ड्रोन कैमरों से कार्यों पर निगरानी रखें।
सिंचाई मंत्री ने निर्देश दिए कि अधिकारी अपने-अपने जिलों में एक-एक विलुप्त नदी को चिह्नित कर उसकी सीमा का सीमांकन कर उसके संरक्षण हेतु कार्य योजना तैयार करें। तालाबों को भी भरवाने के निर्देश दिए। प्रदेश में आठ नदियां जो विलुप्त थीं उनको संरक्षित करने का काम जन सहयोग से कराया जा रहा है। उन्होंने विभाग की अतिक्रमण मुक्त जमीन पर पौधरोपण कराने के निर्देश दिए।
बैठक में हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक व एमएलसी सरोजिनी अग्रवाल ने मखदुमपुर गंगा मेले को ब्रजघाट गंगा मेले की तर्ज पर विकसित कर पक्के घाट बनाने की मांग रखी। गंगा किनारे बाढ़ से बचाव हेतु चार जगह बांध बनवाने की मांग भी विधायक ने की। विधायक जितेंद्र सतवाई ने रजवाहा कांवड़ मार्ग को ठीक कराने व सरधना से निकलने वाले नाले की सफाई की मांग रखी। सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सत्यवीर त्यागी, मुख्य अभियंता पश्चिम केके जैन, अधीक्षण अभियंता विनोद मिश्रा, संदीप कुमार गुप्ता, अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।