अमर उजाला ब्यूरो
शामली। भीम आर्मी के सदस्य मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम कार्यालय में ज्ञापन दिया। ज्ञापन में आर्थिक आधार पर गरीब सवर्णों को दिए गए 10 प्रतिशत आरक्षण को अनुचित बताकर इसे वापस लेने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि आरक्षण का मूल आधार समाज में जातीयता के कारण उत्पन गैर बराबरी को दूर करना और मानवीय अधिकारों से वंचित समाज को समानता प्रदान करना है जो कि संविधान के मूल अधिकारों में शामिल है। इसलिए गरीब सवर्णों को दिया गया 10 प्रतिशत आरक्षण वापस होना चाहिए। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर और लेक्चरर की भर्ती के संबंध में 13 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली सरकार का एक षडयंत्र है क्योंकि संवैधानिक रुप से अनुसूचित जाति जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को 49.5 प्रतिशत आरक्षण मिलता है जबकि 13 प्वाइंट रोस्टर में केवल 30 प्रतिशत ही आरक्षण मिलना संभव होगा जो कि गैर संवैधानिक है। इस भर्ती रोष्टर का आर्मी विरोध करती है। भीम आर्मी के सदस्यों ने देश में जातिगत जनगणना की मांग भी उठाई। जौनपुर में अनुसूचित जाति के लोगों के साथ मारपीट और उत्पीड़न की घटनाओं की निंदा करते हुए आरोपियों पर केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इन दौरान बाबूराम, हितेश गौतम, रोहित कुमार ,दीपक कुमार, सनी कुमार, विशाल, गौरव कुमार, आदेश, प्रमोद, रजत, चंद्रपाल सिंह, अमित कुमार आदि रहे।