कैंट बोर्ड में अनुज सिंह की वापसी
मेरठ।
बंगला नंबर 210 बी में हुए हादसे के बाद से निलंबित चल रहे कैंट बोर्ड के सीईई अनुज सिंह की सोमवार को हाईकोर्ट के आदेश पर वापसी हो गई। कैंट बोर्ड के सीईओ आलोक गुप्ता की मौजूदगी में उन्होंने दफ्तर में कार्यभार संभाला।
जुलाई 2016 में बंगला नंबर 210बी के आरआर मॉल में कैंट बोर्ड द्वारा की गई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान चार लोगों की मलबे में दबकर मौत ही गई थी। इस मामले मे पुलिस ने अनुज सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद कैंट बोर्ड ने उन्हें निलंबित कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में कैंट बोर्ड के तत्कालीन सीईओ राजीव श्रीवास्तव समेत एई पीयूष गौतम, जेई अवधेश यादव, जेई अरविंद गुप्ता, सेनिटेशन इंस्पेक्टर योगेश यादव आदि के खिलाफ केस दर्ज किया था। बाद में इन सभी को हाईकोर्ट से राहत मिल गई। लगभग दो माह जेल में रहने के बाद जमानत होने पर अनुज सिंह ने ज्वाइन करने को कहा तो कई बार बोर्ड बैठकों में सदस्यों के सामने प्रस्ताव लाया जाता रहा, लेकिन उन्हें ज्वाइन नहीं कराया गया। अनुज सिंह हाईकोर्ट गए और हाईकोर्ट ने 22 दिसंबर 2017 को उनकी बहाली के आदेश दे दिए।
जनवरी 2018 में बोर्ड की बैठक में हाईकोर्ट के आदेश पर उनकी सेवाएं प्रदान कर दी, लेकिन उक्त बैठक में ही कुछ देर बाद बंगला नंबर 167 के विवादित नक्शे के प्रकरण में बोर्ड द्वारा उन्हें निलंबित कर दिया गया। इसके बाद से वे निलंबित चल रहे थे। अनुज सिंह के अधिवक्ता राहुल अग्रवाल ने इस मामले में हाइकोर्ट मे अर्जी डाली। जिसके बाद कोर्ट द्वारा बंगला नंबर 167 के मामले में निलंबन पर स्टे कर दिया। उक्त आदेश की प्राप्ति होने के बाद सोमवार को अनुज सिंह ने सीईओ आलोक गुप्ता की मौजूदगी में ऑफिस मे बैठकर काम किया।
अब अवैध निर्माण होगा ध्वस्त
मेरठ। कैंट बोर्ड के सीईओ आलोक गुप्ता ने अवैध निर्माण पर हथौड़ा चलाने के लिए अवैध निर्माण स्क्वायड का गठन कर दिया है। इसका प्रभारी अनुज सिंह को बनाया गया है। स्क्वायड को कहीं भी अवैध निर्माण होने पर नोटिस जारी करने की पावर भी दी गई है। इसी के साथ हाल फिलहाल में जितने भी अवैध निर्माण हुए हैं उन सभी को यह ध्वस्त करेगा। माना जा रहा है कि मंगलवार से कैंट क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर चल सकता है। आपको बता दें कि पिछले 1 महीने के भीतर कैंट इलाके में जमकर अवैध निर्माण हुए। आबूलेन के अलावा कई दूसरी जगह पर भी रातों रात लिंटर डालकर अवैध निर्माण किए गए हैं।