घंटों स्ट्रेचर पर पड़ा रहा शव, नहीं उपलब्ध कराई एंबुलेंस
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मेडिकल की इमरजेंसी में भर्ती सहारनपुर के एक मरीज की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। उसके परिजनों ने घंटों तक स्ट्रेचर पर शव के पड़े होने के बावजूद एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उन्होंने इलाज में लापरवाही का भी आरोप लगाया। बाद में इसकी शिकायत मेडिकल आए कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार से की। उन्होंने प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी को निर्देश दिए। प्रमुख अधीक्षक ने निजी एंबुलेंस कर शव को सहारनपुर पहुंचवाया।
सहारनपुर के रहने वाले यामीन (55) इमरजेंसी में भर्ती थे। उनकी आंतों में इंजरी थी। परिजनों का आरोप है कि उपचार केदौरान बुधवार देर रात उनकी मृत्यु हो गई थी। उन्हें एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं कराई गई और इमरजेंसी से बाहर निकाल दिया गया। शव रात से स्ट्रेचर पर पड़ा रहा, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। इमरजेंसी में बाउंसर रखे हुए हैं, जिन्होंने उनके साथ अभद्रता की। दूसरी तरफ, प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी का कहना है कि मरीज की मृत्यु बृहस्पतिवार दोपहर में हुई थी। एंबुलेंस और शव वाहन जिले में ही जाते हैं, दूसरे जिले के लिए निजी शव वाहन मंगाना पड़ता है। इस व्यवस्था की वजह से ही सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। बाद में निजी एंबुलेंस कराई गई। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में हो रही मारपीट और हंगामों की वजह से कुछ लोगों को सुरक्षा के लिए रखा हुआ है। उनका काम सिर्फ एक से ज्यादा तीमारदारों को मरीजों के पास जाने से रोकना है, न कि किसी के साथ अभद्रता करना।
इलाज में लापरवाही का आरोप
मेरठ। मेडिकल में भर्ती एक वृद्ध महिला केबेटे ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मेडिकल पहुंचे कमिश्नर से शिकायत की। आरोप लगाया कि उसकी मां का ऑपरेशन होना है, मगर डॉक्टर कई दिन से टरका रहे हैं। इस संबंध में प्रमुख अधीक्षक का कहना है कि शुगर ज्यादा बढ़ने की वजह से ऑपरेशन नहीं हो सका है। शुगर नॉर्मल होने पर ऑपरेशन करा दिया जाएगा।
खास बात
मेडिकल में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने किया हंगामा, कमिश्नर से की शिकायत