ताले में बंद अभिलेख अब होंगे डिसप्ले
प्रदेश में अभी तक कहीं भी 1857 की क्रांति से जुड़ा कोई संग्रहालय या गैलरी नहीं है। अकेले मेरठ के शहीद स्मारक में एक छोटी गैलरी में 1857 की जंग से जुड़ी कुछ पेंटिंग्स व म्यूरल्स हैं। जिनको देखकर लोग क्रांति की जानकारी लेते हैं, लेेकिन ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स या तस्वीरें नहीं हैं। लखनऊ और इलाहाबाद अर्काईव में 1857 की क्रांति से जुड़े कुछ ओरिजनल दस्तावेज और जरूरी कागजात ताले में बंद रखे हैं।
बनाई जाएगी गैलरी
शहीद स्मारक में ही 1857 क्रांति का संग्रहालय बनेगा। इसके लिए एक नई गैलरी बनाई जाएगी। -डॉ. अमित पाठक, इतिहासकार
आम जनता के साथ युवा, विद्यार्थियों को 1857 की क्रांति की जानकारी मिलेगी। गैलरी के अलावा शोधार्थियों और इतिहासकारों को से जुड़ी नई जानकारियां मिलेंगी। -राजेश भारती, समिति सदस्य
पर्यटक बढ़ेंगे
मंडलायुक्त के प्रयासों से संग्रहालय में यह नई शुरूआत होने जा रही है। इससे मेरठ संग्रहालय और दर्शनीय बनेगा यहां पर्यटकों का आवागमन भी बढ़ेगा। -पीके मौर्य, संग्रहालय अधीक्षक