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यूपी: घर में नर्सिंग होम बनाकर कराते थे 'भ्रूण लिंग जांच', जानें कैसे हुआ भंडाफोड़ 

Sun, 06 Jan 2019 04:00 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ न्यूज
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बेटी बचाओ व मुखबिर योजना के अंतर्गत शनिवार को मेरठ और हरियाणा की टीम ने मवाना नगर निवासी एक झोलाछाप चिकित्सक के क्लीनिक पर छापा मारकर तीन महिला समेत छह लोगों को लिंग परीक्षण करते रंगेहाथ पकड़ लिया। टीम ने मौके से लिंग परीक्षण करने वाली मशीन और एक टेबलेट बरामद किया। एक युवक मौके से भागने में सफल रहा।

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मेरठ के एसीएमओ व पीसीपीएनडीटी के नोडल ऑफिसर डॉ. प्रवीण गौतम शनिवार को हरियाणा के सोनीपत की सीएमओ डॉ. अंविका कौशिक, डॉ. आदर्श शर्मा, बाबू अजहर के साथ सोनीपत पुलिस को लेकर मवाना पहुंचे। डॉ. प्रवीण गौतम ने बताया कि कुछ दिनों से उन्हें मवाना के एक क्लीनिक में लिंग परीक्षण करने की शिकायत मिल रही थी। इस पर उन्होंने सोनीपत टीम की सहायता ली।

मुखबिर योजना के अंतर्गत एक गर्भवती महिला को इसके लिए तैयार किया गया। महिला को 30 हजार रुपये देकर मवाना भेजा गया। उन्होंने बताया कि सीएचसी मवाना की आशा तिगरी निवासी सीमा पत्नी पुष्पेंद्र पेट्रोल पंप के पास पहुंची और महिला से रुपये लेकर उसे अरविंद के क्लीनिक पर ले आई। इस दौरान टीम दोनों का पीछा करती रही। 

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टीम ने मवाना पुलिस की सहायता ली और क्लीनिक पर छापा मारा। छापा लगते ही वहां मौजूद चिकित्सक और अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इस दौरान एक आरोपी वहां से भाग गया। डॉ. अंविता कौशिक ने बताया कि टीम ने ही गर्भवती महिला को रुपये दिए थे जिन पर डीएम, मजिस्ट्रेट, सीएमओ के हस्ताक्षर थे। टीम ने छापेमारी के दौरान अरविंद, शारदा, मवाना निवासी दाई सावित्री, तिगरी गांव निवासी आशा सीमा, बिढौली शामली निवासी श्रवण, रवि निवासी थाना गंगोह को पकड़ लिया।

मौके से टीम ने एक मशीन, एक टैबलेट, व 30 हजार रुपये में से 26 हजार रुपये बरामद किए। सभी के मोबाइल कब्जे में ले लिए। पकड़े गए सभी आरोपितों को मवाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। टीम ने सभी के खिलाफ तहरीर दी। एसएसआई पंकज शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।  

हरियाणा टीम पास, मेरठ फेल 
हर बार की तरह इस बार भी हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से ही यह छापेमारी की गई। पुलिस स्वास्थ्य विभाग एक भी छापेमारी कर भ्रूण लिंग परीक्षण नहीं पकड़ सका है। मेरठ का स्वास्थ्य विभाग इसके लिए हरियाणा की टीम के नेटवर्क को वजह बताता है। 

लिंग परीक्षण के लिए लाई गई अत्याधुनिक मशीन के जरिए परीक्षण करने वालों ने जिले में अपना बड़ा नेटवर्क स्थापित कर लिया है। पकड़े गए छह आरोपितों ने पूछताछ में अन्य लोगों के भी नाम उजागर किए हैं। अब टीम इन लोगों तक पहुंचने की तैयारी में जुट गई है।  
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मवाना में लिंग परीक्षण पकड़े जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पांच बार हरियाणा की टीम छापा मारकर लिंग परीक्षण करने वालों को दबोच चुकी है। शनिवार को मेरठ व सोनीपत की टीम के संयुक्त रूप से की गई छापेमारी में खास बात यह भी है कि स्वास्थ्य विभाग के ही नुमाइंदे इस गोरखधंधे से जुड़े हुए हैं। छापेमारी के दौरान पकड़ी गई मवाना सीएचसी की आशा सीमा इसका प्रमाण है। 

वहीं, थाने लाए गए आरोपी अपने को निर्दोष बताते रहे और अन्य लोगों के नाम लेते रहे। इसमें मवाना समेत जिले के कई झोलाछाप चिकित्सकों के नाम सामने आए। इस मामले की जानकारी दिल्ली के एक अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारी ने हरियाणा की टीम को दी थी। डॉ. अंविका कौशिक और डॉ. आदर्श शर्मा को मुखबिर योजना को सफल बनाने के लिए राष्ट्रपति पद्मश्री अवार्ड भी मिल चुका है।

मवाना लिंग परीक्षण के दौरान टीम ने एक अत्याधुनिक मशीन प्रोबो व टैबलेट पकड़ा है। इस मशीन की खास बात यह है कि यह मोबाइल से कुछ बड़ी है और इसमें कोई तार नहीं है। इस मशीन को टैबलेट से आसानी से ब्लूटूथ के जरिए जोड़ा जा सकता है। पहली बार है जब टीम को इस तरह की मशीन मिली। 
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