फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कामर्शियल उड़ान है अभी दूर की कौड़ी

विज्ञापन
विज्ञापन
कामर्शियल उड़ान है अभी दूर की कोड़ी
विज्ञापन

हवाई पट्टी को विस्तार देकर संसाधन तैयार करने में लगेगा एक साल
18 सीटर एटीआर-72 की उड़ान को तीन कंपनियां मेरठ में दिखा रहीं रुचि
इन तीनों एयरलाइंस से छोटे विमान उड़ान को लेकर दिल्ली में वार्ता आज
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मेरठ से कामर्शियल उड़ान अभी दूर की कौड़ी है। जिन शहरों का पहली बिड में चयन हुआ था, उनमें भी अभी तक मात्र फैजाबाद और प्रयागराज से उड़ान शुरू हो पाई है, बाकी पर काम हो रहा है। ऐसे में मेरठ को कम से कम एक साल का इंतजार करना पड़ सकता है।
क्षेत्रीय उड़ान योजना के तहत मेरठ से इलाहाबाद और लखनऊ के लिए जारी की गई बिड 3.1 में मेरठ को शामिल किया गया है। यह बिड 26 फरवरी को खुलेगी। वास्तविकता के धरातल पर देखें तो मेरठ से हवाई उड़ान के लिए हवाई पट्टी का विस्तार करने के साथ तमाम संसाधन तैयार करने होंगे। हवाई पट्टी विस्तार को जमीन खरीदनी होगी, जिसके लिए प्रदेश सरकार को 643 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा, जो आसान नहीं है। क्योंकि किसानों को जमीन का पूरा पैसा मिल जाएगा, तभी वे कब्जा छोड़ेंगे। इस पूरी प्रक्रिया में लंबा समय लगेगा, तो एएआई को संसाधन तैयार करने में भी समय लगेगा।
विज्ञापन

बात अगर क्षेत्रीय उड़ान योजना की करें, तो इस योजना के तहत पहली बिड करीब एक साल पहले छोड़ी गई थी, जिसमें प्रदेश के आधा दर्जन से ज्यादा शहर चयनित हुए थे। लेकिन अभी तक सिर्फ फैजाबाद और प्रयागराज पर ही काम शुरू हुआ है। वहीं मेरठ में 18 सीटर विमान की उड़ान को तीन एयरलाइंस कंपनियां अपनी रुचि दिखा रही हैं, जिनसे शुक्रवार को आरसीएस (रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम) के अधिकारी वार्ता करेंगे।
किराये पर अभी संशय
किराये को लेकर शुरू में मसौदा तैयार हुआ था, जिसके तहत यात्रियों से तो आम किराया ही वसूला जायेगा, लेकिन इस उड़ान में होने वाले घाटे की पूर्ति केंद्र और प्रदेश सरकार के माध्यम से होगी। यह स्कीम तभी लागू होगी, जब यहां से कामर्शियल उड़ान शुरू होगी। लेकिन जिस तरह अभी छोटे विमान उड़ाने की कवायद चल रही है, उससे किराये को लेकर संशय बना हुआ है।
विज्ञापन

वर्जन....
यह सही है कि कामर्शियल उड़ान में बहुत समय लगेगा। लेकिन छोटे विमान की उड़ान का मसौदा लगभग तैयार हो चुका है। कल दिल्ली में इस पर वार्ता भी होनी है। रही बात किराये की, तो इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु से वार्ता हो रही है।
- डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें