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आधार नहीं बन पाने से लोग परेशान

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आधार कार्ड नहीं बन पाने से मुसीबत
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। जिले में आधार कार्ड बनवाने के लिए लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चार से पांच दिन तक भी बैंकों के चक्कर काटने के बाद भी लोगों के आधार कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। वहीं, कई बैंकों में स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए लोगों का आधार कार्ड नहीं बनाया जा रहा है। उधर, डाकघरों में पिछले छह माह से आई किट धूल चाट रही है। नतीजतन लोग प्राइवेट दुकानों पर आधार कार्ड अधिक धनराशि देकर बनवाने को विवश हैं।
केंद्र सरकार ने आधारकार्ड बनाने के लिए बैंक और डाकघरों को जिम्मेदारी सौंपी है। जनपद के बैंकों और डाकघरों में आधार कार्ड बनाने की किट भी उपलब्ध कराई गई है। शहर के वर्मा मार्केट स्थित इंडियन बैंक, केनरा बैंक व बुढ़ाना रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक में आधार कार्ड बनाए जा रहे थे, लेकिन कुछ समय से शहर के केनरा बैंक और सर्व यूपी ग्रामीण बैंक मेें स्टाफ की कमी बताते हुए लोगों को बाहर से ही वापस भेजा जा रहा है। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक में तीन दिन पहले तक केवल संशोधन वाले आधार कार्ड ही बनाए जा रहे हैे। अब बैंक में टायल्स कार्य चलते हुए तीन दिन से आधार कार्ड नहीं बन रहे है। वहीं, वर्मा मार्केट स्थित इंडियन बैंक में कुछ समय से केवल 10 से 12 टोकन देकर ही लोगों के आधार कार्ड बनाए जा रहे है। बैंक में सुबह से ही लोगों की लाइन लग जाती है। कुछ लोग तो सुबह सारा कार्य छोड़कर आठ बजे ही बैंक के बाहर आकर बैठ जाते हैं। जैनपुर निवासी बुजुर्ग रत्ता सिंह ने बताया कि पिछले पांच दिन से लगातार आ रहा हूं, लेकिन उसे बैंक के अंदर घुसने ही नहीं दिया जा रहा है। रामगढ़ के कमल ने बताया कि वह पढ़ाई छोड़कर रोज बैंक के चक्कर काट रहा है, लेकिन अभी तक आधारकार्ड नहीं बना। शामली के समीम, विनोद जमालपुर ने बताया कि बैंक वाले केवल 12 लोगों के ही आधारकार्ड बनाते हैं। टोकन लेकर भी बैंक के बाहर ही धूप में बैठना पड़ता है। बैंक का गार्ड टोकन का नंबर आने के बाद ही अंदर जाने देता है। छोटे-छोटे बच्चों को धूप में ही बाहर बैठना पड़ता है। इसके साथ ही शहर के अन्य काफी बैंकों में भी आधार कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। जनपद के चार डाकघरों में भी आधार कार्ड किट आई है, लेकिन स्टाफ न होने के कारण वह धूल चाट रही है। नतीजतन जरूरतमंदों को प्राइवेट दुकानों पर एक सौ रुपये खर्च कर पड़ रहा है। वहीं, इंडियन बैंक में आधार कार्ड बनाने वाले युवक असलम ने बताया कि अंदर ज्यादा आदमी आने वह पूछताछ ज्यादा करते हैं, जिस कारण बार बार कार्य करने में परेशानी आती है। कार्य भी कम होता है गलती होने का डर रहता है। इसलिए एक-एक को अंदर बुलाया जाता है।
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जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक शैलेश कुमार ने बताया कि आधार कार्ड बनवाने का कार्य आउटसोसिंग से कराया जा रहा है। कम से कम आठ कार्ड बनाने जरूरी हैं। उसे अधिक भी बनावाएं जा सकते हैं। इसके अलावा संशोधन कराने की भी कोई मनाही नहीं है। यदि किसी बैंक शाखा से मना किया जा रहा है तो वे इसकी जांच करोएंगे।
महत्वपूर्ण
आधार कार्ड बनाने में बैंक कर रहे मनमानी, लोग परेशान
-कहीं स्टाफ की कमी बता, तो कहीं 10 से 12 आधारकार्ड बनाकर ही टरका देते है लोगों को
-चार से पांच दिन तक चक्कर काटने के बाद भी नहीं बन पा रहा है आधारकार्ड
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