घने कोहरे और सर्द हवाओं ने शुक्रवार की रात एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। दृश्यता शून्य होने के कारण पल्लवपुरम थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार गाड़ी अनियंत्रित होकर पीएसी नाले में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में 18 माह के मासूम बच्चे गना की नाले के गंदे पानी में डूबने से मृत्यु हो गई जबकि परिवार के छह अन्य सदस्य घायल हो गए। यह परिवार एक सगाई समारोह में शामिल होकर वापस अपने घर लौट रहा था। गना परिवार का इकलौता बच्चा था।
दौराला कस्बे की डेयरी कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय संयम पेशे से फर्नीचर व्यापारी हैं। शुक्रवार को संयम अपने परिवार के साथ अपनी मौसी की बेटी काजल की सगाई (रिंग सेरेमनी) में सम्मिलित होने कचहरी के पास स्थित एक मंडप में पहुंचे थे। देर रात करीब 10:30 बजे समारोह समाप्त होने के बाद संयम अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ घर लौट रहे थे। रास्ते में वे श्याम वाटिका, कृष्णानगर (डोरली) में अपने रिश्तेदार महेश के घर कुछ देर रुके। वहां से परिवार की महिलाओं और बच्चों को लेकर वे अपनी गाड़ी से दौराला के लिए रवाना हुए। गाड़ी में संयम, उनकी पत्नी शालिनी, मां आरती, 18 महीने का बेटा गना, फुफेरे भाई आकाश और विकास तथा सुशीला सवार थे।
शुक्रवार को दिन भर सूरज के दर्शन नहीं हुए थे और रात होते-होते कोहरा घना हो गया था। रात 8 बजे के बाद दृश्यता (विजिबिलिटी) लगभग शून्य हो चुकी थी। गाड़ी आकाश चला रहे थे। जैसे ही वह पल्लवपुरम क्षेत्र में ईधन केंद्र (सीएनजी पंप) के पीछे पीएसी नाले की पुलिया पर पहुंचे घने कोहरे के कारण आकाश को आगे का रास्ता और पुलिया का किनारा दिखाई नहीं दिया। इससे गाड़ी अनियंत्रित हो गई और पुलिया से करीब चार फीट नीचे नाले में जा गिरी। गाड़ी पूरी तरह पलट गई जिससे उसमें सवार सभी लोग अंदर ही फंस गए और चीख-पुकार मच गई।
मासूम के मुंह में भरा गंदा पानी
दुर्घटना के बाद संयम ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर गाड़ी से बाहर निकलकर शोर मचाया। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े। स्थानीय नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए बाकी परिजनों को गाड़ी से बाहर निकाला। इस अफरा-तफरी में जब 18 महीने के मासूम गना की तलाश की गई तो वह गाड़ी और नाले के पानी के बीच कहीं नहीं दिखा। काफी खोजबीन के बाद वह नाले के दूसरी ओर मिला। तब तक उसके मुंह और फेफड़ों में नाले का गंदा पानी भर चुका था। परिजन उसे तत्काल एसडीएस चिकित्सालय ले गए जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए कैलाशी चिकित्सालय के लिए आगे भेज दिया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मृत्यु की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।
कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया वाहन
घटना की सूचना मिलते ही पल्लवपुरम पुलिस मौके पर पहुंची। नाले में फंसी गाड़ी को निकालने के लिए पहले क्रेन मंगवाई गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद हाइड्रा मशीन मंगवाकर काफी प्रयासों के बाद गाड़ी को नाले से बाहर निकाला जा सका। क्षेत्राधिकारी (सीओ) दौराला प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि रात के समय अत्याधिक कोहरा होने के कारण चालक को रास्ता नहीं दिखा और गाड़ी नाले में गिर गई। इस दुर्घटना में बच्चे की मृत्यु हो गई है जबकि अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं। अभी तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की अपील : कोहरे में बरतें सावधानी
शीतलहर और घने कोहरे के कारण लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को पुलिया, मोड़ और सड़कों के किनारों का सही अनुमान नहीं हो पा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कोहरे के दौरान वाहनों की गति धीमी रखें और अत्याधिक सावधानी बरतें।