मेरठ। सिटी और कैंट स्टेशन को चमकाने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। नए टेंडर के टल जाने के बाद अभी पुरानी कंपनियों से ही साफ-सफाई करानी होगी। पिछले कई महीनों से टेंडर प्रक्रिया की जा रही थी, लेकिन चुनाव के चलते इसे मई तक टाल दिया गया है।
केंद्र सरकार ने स्टेशनों की सफाई के लिए हर साल सर्वे कराने का कार्य शुरू किया था। थर्ड पार्टी से कराए गए इस सर्वे में सिटी स्टेशन की स्वच्छता रैकिंग में सुधार आया था। लेकिन स्टेशन के अधिकारियों का दावा था कि अगर मशीनें मिल जाएं तो स्टेशन और भी ज्यादा चमकेगा। इसी को देखते हुए रेलवे ने नए टेंडर प्रक्रिया को शुरू किया था।
सिटी और कैंट स्टेशन पर 98 सफाई कर्मचारियों पर सफाई का जिम्मा है। दोनों स्टेशनों की सफाई पर प्रतिमाह 18 लाख छह हजार 122 रुपये खर्च किए जा रहे हैं। स्वच्छता अभियान के बाद मेरठ सिटी स्टेशन 413 और मेरठ कैंट स्टेशन 452 रैंक पर था। इसी रैंक को सुधारने के लिए रेलवे की ओर से नए टेंडर में मशीनों द्वारा सफाई की व्यवस्था करने का प्रबंध तय किया गया था, लेकिन इस पर दो महीने के लिए ग्रहण लग गया है।
आसानी से होती है ट्रैक की सफाई
रेलवे की ओर से पिछले दिनों नई दिल्ली क्षेत्र में प्लेटफॉर्म और ट्रैक की सफाई के लिए कई आधुनिक मशीनों को लाया गया था। जिससे आसानी से ट्रैक को चमकाया गया था। इसी को देखते हुए सभी स्टेशनों पर आधुनिक मशीनों का टेंडर किए जाने की घोषणा की गई थी।
यह है मशीनें
राइड ऑन मशीन, हाई प्रेशर जेट, वॉल बिहाइंड मशीन।
मई तक बढ़ा दिया पुराना टेंडर
अभी मशीनें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं ऐसे में पुराने टेंडर को मई तक बढ़ा दिया गया है। इसके बाद ही मशीनें उपलब्ध हो सकेंगी। - बिलेंद्र, स्वास्थ्य निरीक्षक