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एचटी लाइन के करंट से दो भाइयों की मौत, आक्रोश

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कंकरखेड़ा (मेरठ)। बटजेवरा गांव के जंगल में बृहस्पतिवार को हुए हादसे में दो मौसेरे भाइयों की एचटी लाइन के करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे तक पुलिस को शव नहीं उठाने नहीं दिया। मौके पर ही आर्थिक सहायता मिलने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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पुलिस के अनुसार गांव बटजेवरा कंकरखेड़ा निवासी बंटी गुप्ता (35) पुत्र राधे श्याम व सोनू गुप्ता (30) पुत्र सत्यप्रकाश निवासी गांव रसूलपुर, सरधना मौसेरे भाई थे। दोनों भाई बृहस्पतिवार को बटजेवरा गांव के जंगल में ईख के खेत में मजदूरी पर कीटनाशक का छिड़काव कर रहे थे। इस बीच दवा में पानी मिलाने के लिए सोनू खेत के पास रजवाहे से पानी लेने पहुंचा तो वहां टूटे पड़े हाइटेंशन लाइन के तार की चपेट में आ गया। करंट लगते ही सोनू चिल्लाया तो उसे बचाने पहुंचा बंटी भी करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया। दोनों ने मौके पर ही तड़पते हुए दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों में भड़का गुस्सा
खेत में काम कर रहे मजदूर कमलेश व विनोद वहां पहुंचे तो दोनों भाइयों के शव देखकर शोर मचा दिया। जिसके बाद बंटी के परिजन और सैकड़ों ग्रामीण पहुंच गए। बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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नहीं उठाने दिया शव
सीओ दौराला पंकज सिंह और इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा दीपक शर्मा मौके पर पहुंचे तो उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की। लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें शव नहीं उठाने दिया। प्रशासन और बिजली विभाग के बड़े अफसरों को बुलाने की मांग पर अड़ गए। जिसके बाद एसडीएम सरधना और अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को खूब खरी खोटी सुनाई।
आग लगा दो, हाइवे जाम कर दो
ग्रामीण दोनों भाइयों को मौके पर ही मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़े रहे। जबकि एसडीएम और अधिशासी अभियंता पोस्टमार्टम के बाद मुआवजा दिलाने का आश्वासन देते रहे। सहमति न होने पर ग्रामीणों ने बिजलीघर में आग लगाने और हाइवे जाम करने का ऐलान किया तो हड़कंप मच गया। अफसरों ने डीएम से फोन पर वार्ता की। जिसके बाद दोनों मजदूरों के परिवार को 1-1 लाख रुपये के चेक मौके पर भिजवाए गए। एसडीएम ने 4-4लाख रुपये और मुआवजा प्रशासन की ओर से दिलवाने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीणों ने शव उठने दिए।
साथ रहे, साथ ही मरे
ग्रामीणों के अनुसार सोनू और बंटी की बचपन से ही दोस्ती थी। प्राइमरी तक साथ पढ़े। लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण एक साथ मजदूरी पर जाना शुरू कर दिया था। दोनों साथ जीने और साथ मरने की बात कहते थे। सोनू को तड़पता देख बंटी ने उसका हाथ पकड़कर बिजली के करंट से छुड़ाने का प्रयास किया था। लेकिन वह भी सोनू के साथ मौत के मुंह में समा गया। परिजनों में कोहराम मचा है।
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खास बातें:
कंकरखेड़ा में हादसा, रजवाहे के पास टूटा पड़ा था हाईटेंशन लाइन का तार
पानी लेने गया एक भाई करंट की चपेट में आया, दूसरा उसे बचाने में मरा
ग्रामीणों ने तीन घंटे तक शव नहीं उठने दिया, अधिकारियों का घेराव किया
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