शहीदों की शहादत को कभी बदनाम मत करना...
मेरठ। श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन पंचायती मंदिर डी ब्लॉक शास्त्रीनगर के 15वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी।
कवि सम्मेलन का उद्घाटन डॉ. अमित कुमार जैन व डॉ. सान्या जैन ने किया। मोहनलाल जैन ने भगवान महावीर के चित्र का अनावरण किया। डॉ. सम्यक जैन ने दीप प्रज्जवलित किया। कवि सौरभ जैन सुमन ने कवियों का परिचय कराते हुए कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। सौरभ जैन सुमन ने कवि सम्मेलन के संचालन की कमान संभालते हुए राजनीति पर कुछ यूं कहा कि राजनीति की देहरी पर उपहास हो गया, खाया-पिया बैठ गए उपवास हो गया॥। कवि श्रीकांत श्री ने शहीदों की शान में पढ़ा कि नमन करना या मत करना कोई कुछ न कहेगा पर, शहीदों की शहादत को कभी बदनाम मत करना। कवयित्री योगिता चौहान ने बेटियों की सुरक्षा को लेकर अपनी पंक्तियों को यूं पढ़ा कि बचपना छोड़ जब में सयानी हुई, मनचलो की मैं तब से कहानी हुई, एक नया हर्ष उल्लास, विश्वास था, एक पागल की मैं भी दिवानी हुई॥ कवि डॉ. प्रतीक गुप्ता ने हास्य व्यंग्य की कविता पढ़ते हुए यूं कहा कि हंसाता हूं कि गम सबके देखकर रह नहीं सकता, कसता हूं व्यंग्य क्योंकि बुराई सह नहीं सकता। मगर मजबूरियां मेरी भी शायद कुछ तो होती हैं, अब हर बात लफ्जों में तो मैं भी कह नहीं सकता। कवि विनोद पाल ने यूं कहा कि आपके लिए चंद कतरे लहू के लाया हूं। खुद मुरझा गया हूं पर फूल खुशबू के लाया हूं और आप लोगों को ताली बजानी ही होगी, मैं घर से पत्नी के पांव छूकर आया हूं॥ कार्यक्रम की अध्यक्षता देवेंद्र कुमार जैन ने की। मुख्य अतिथि के रूप में अपर जिला मजिस्ट्रेट नगर मुकेश चंद्रा रहे। अजेंद्र कुमार जैन, देवेंद्र जैन ने अतिथियों का स्वागत किया। हुलास चंद जैन, अभिषेक जैन, सुभाष जैन, मनीष जैन, विकास जैन, अंकित जैन, मेहुल जैन, दिनेश कुमार जैन, अनिल जैन, राजीव जैन, विपिन जैन, मनोज जैन आदि मुख्य रहे।
खास बातें:
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित