बागपत। पलड़ा गांव में चंडीगढ़ ईडी की छापामारी के बाद करोड़ों की ठगी करने के आरोपी लविश के 17 एजेंटों के बागपत जिले के होने की जानकारी मिली है। वह अपने आसपास के लोगों की रकम निवेश करा रहे थे। इसका पता चलने के बाद खुफिया विभाग भी उनकी कुंडली खंगाल रहा है।
हिमाचल प्रदेश की क्यूएफएक्स और अन्य कंपनियों में निवेश कराने के नाम पर 210 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया। इसमें आरोपी लविश निवासी मुजफ्फरनगर और नवाब निवासी शामली की गिरफ्तारी के लिए ईडी ने लुक आउट नोटिस जारी किया। शामली जिले के डांगरोल गांव में नवाब से पूछताछ करने के बाद ईडी को जानकारी मिली की उसके 17 एजेंट बागपत के रहने वाले है, जिन्होंने यहां के लोगों के करोड़ों रुपये कंपनी में निवेश करा रखे है।
एजेंट कौन है और कहां के रहने वाले हैं, इसकी जानकारी ईडी ने गोपनीय रखी है। उधर, नवाब के एजेंट पलड़ा गांव के मोमीन के घर छापामारी के बाद से अन्य एजेंटों के भूमिगत होने की जानकारी मिल रही है तो खुफिया विभाग अपने सूत्रों से एजेंटों का पता लगाने में जुट गया है। इस मामले में एसपी अर्पित विजयवर्गीय का कहना है कि इस बारे में किसी की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर, कोई शिकायत आती है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।