दुष्कर्म पीड़िता के कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए
- एक सफेदपोश पीड़ित परिवार पर बना रहा था फैसले का दबाव
संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। थाना क्षेत्र के एक गांव में दो सप्ताह पूर्व नाबालिग से दुष्कर्म की वारदात सामने आई थीं। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया था। तब से सफेदपोश पीड़ित परिवार पर फैसले का दबाव बनाने में जुटे हैं। थाना पुलिस ने सोमवार को किशोरी के कोर्ट में 164 के बयान दर्ज करा दिए।
दो सप्ताह पूर्व क्षेत्र के एक गांव में पानी भरने के बहाने घर में घुसकर किशोर ने किशोरी को डरा धमकाकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी ने घटना की जानकारी परिजनों को देने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने घटना के दो दिन बाद परिजनों की तहरीर पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर लिया था और किशोरी का मेडिकल परीक्षण भी कराया था। घटना के बाद से ही गांव के सफेदपोश नेता किशोरी के परिजनों पर फैसले का दबाव बना रहे थे।
किशोरी के परिवार से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि मुकदमा दर्ज कराने के नाम पर जसड़ सुलताननगर गांव निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस के नाम पर मोटी रकम पीड़ित परिवार से ली। रिश्वत लेने की जानकारी मिलते ही थाना पुलिस ने उस व्यक्ति को थाने बुलाकर खूब हड़काया। वहीं, रिश्वत का मामला खुलने पर पुलिस ने सोमवार को पीड़ित किशोरी के कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए।
एसओ दिनेश प्रताप सिंह ने पीड़ित परिवार से रकम लेने की जानकारी से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि परिजनों से जानकारी की जाएगी। अगर किसी ने पुलिस के नाम पर रिश्वत ली है तो जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।