पक्ष में बोली विवाहिता, शहजाद से हटेगा 50 हजार का इनाम
मेरठ। परीक्षितगढ़ से नवविवाहिता के अपहरण में नामजद हिस्ट्रीशीटर और 50 हजार का इनामी शहजाद एक साल बाद भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस का कहना है कि पीड़िता ने कोर्ट में शहजाद के पक्ष में बयान दिए हैं। ऐसे में अब शहजाद पर घोषित इनाम वापस लेने की तैयारी है।
पुलिस के अनुसार एक साल पहले परीक्षितगढ़ क्षेत्र से नवविवाहिता को हिस्ट्रीशीटर शहजाद सरेआम अपहरण करके ले गया था। यह मामला तूल पकड़ता गया। जिसके बाद आरोपी शहजाद ने फेसबुक पर भी फोटो अपलोड किए। कई संगठनों और राजनीतिक दलों के लोग सड़कों पर उतरे तो पुलिस अफसरों ने एसओ मुंडाली रितेश कुमार को हटा दिया था। पुलिस ने शहजाद का एफबी अकाउंट चेक किया तो उसके एक पार्टी के नेताओं के साथ कई फोटो सामने आए। हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी को लेकर लगातार पंचायतें हुईं। क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी। लेकिन एक नेता लगातार हिस्ट्रीशीटर को संरक्षण देता रहा।
इस बीच अपहरण के मामले में नवविवाहिता के परिजनों ने अफसरों से गुहार लगाई तो आरोपियों ने महिला के भाई को भी गोली मार दी थी। जिसके बाद पुलिस ने शहजाद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ शहजाद की तलाश में लगी रहीं। कुछ दिन पहले यह मामला हाईकोर्ट में चला गया। एसओ परीक्षितगढ़ शिवदत्त का कहना है कि नवविवाहिता के अपहरण के मामले में हाईकोर्ट में पीड़िता ने शहजाद के पक्ष में बयान दिए थे। नवविवाहिता के परिजनों पर जुर्माना भी लगाया गया। ऐसे में शहजाद से 50 हजार का इनाम हटाने के लिए अधिकारियों को अवगत करा दिया गया। वहीं, नवविवाहिता के भाई को गोली मारने के मामले में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। पुलिस का कहना है कि शहजाद का 10 करोड़ की डकैती में भी नाम सामने आया था।
नाम हटाया जाएगा
अपहरण के मामले में पीड़िता ने शहजाद के पक्ष में बयान दर्ज कराए थे। अन्य जो भी मामले दर्ज हैं उन पर भी पुलिस जांच कर रही है। अपहरण के मामले में शहजाद से 50 हजार का इनाम हटाया जाएगा। -अविनाश पांडेय, एसपी देहात