अधिग्रहीत जमीन पर बेच डाले भूखंड और फ्लैट
- मैसर्स अग्रवाल एसोसिएट व बिजेन्द्र अग्रवाल पर धोखाधड़ी का मुकदमा
- रक्षापुरम स्थित मीनाक्षीपुरम का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
मेरठ विकास प्राधिकरण की अधिग्रहीत जमीन पर शहर के बिल्डर ने फर्जीवाड़ा कर कालोनी खड़ी कर दी। इतना ही नहीं उसने लोगों को फ्लैट और भूखंड भी बेच डाले। लंबी जांच के बाद आई प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर एमडीए के जेई सुबोध कुमार सिन्हा ने थाना गंगानगर में मैसर्स अग्रवाल एसोसिएट व बिजेन्द्र अग्रवाल पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
एमडीए अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 1987 में एमडीए ने गांव कसेरूबक्सर की जमीन का अधिग्रहण किया था। उधर मैसर्स अग्रवाल एसोसिएट व बिजेन्द्र अग्रवाल ने इस क्षेत्र में मीनाक्षीपुरम कालोनी विकसित की थी। इसका मानचित्र संख्या 117 दिनांक 27 फरवरी 1985 को स्वीकृत किया गया था, जिसमें यह जमीन शामिल नहीं थी। बाद में इस ग्रुप ने इसके एक्सटेंशन नक्शे के लिए एमडीए में आवेदन किया। इसके तहत 44619 वर्ग मीटर जमीन के, एफ व जी ब्लाक के लिए सम्मिलित की गई थी। इस तलपट मानचित्र संख्या 121 को एमडीए ने अस्वीकृत कर दिया। चूंकि यहां अधिग्रहण हो चुका था। उधर, मैसर्स अग्रवाल एसोसिएट व बिजेन्द्र अग्रवाल आदि ने इन ब्लॉक को अप्रूव्ड बताकर लोगों को जमीन बेच डाली। फ्लैट बनाकर बेच दिए, जबकि यह जमीन अधिग्रहीत थी। एमडीए इसका मुआवजा भी किसानों को दे चुका था। आरोप है कि जानबूझकर यह किया गया और कई दर्जन लोगों को इसी तरह से संपत्ति बेची गई। इस बाबत आयुक्त डा. प्रभात कुमार से शिकायत हुई। इसके बाद डीएम स्तर पर जांच कराई गई। इसमे साफ हो गया कि लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई। इसके बाद थाना गंगानगर में मैसर्स अग्रवाल एसोसिएट जुनैजा मार्केट कबाड़ी बाजार व बिजेन्द्र अग्रवाल पर धारा 420, 467, 468 व 471 में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
सरस्वती लोक में सील होंगे अवैध निर्माण
नूरनगर रोड स्थित सरस्वती लोक में हो रहे अवैध निर्माण सील होंगे। इस बाबत आयुक्त डा. प्रभात ने निर्देश जारी कर दिए हैं। दरअसल यहां कई बिल्डरों ने मानचित्र के विपरीत निर्माण किए हैं। कई ने मानचित्र स्वीकृत कराए बिना ही फ्लैट बनाए हैं। ऐसे निर्माणों पर सील लगाने को कहा गया है।
गढ़ रोड पर चलेगी सीलिंग कार्रवाई
मेरठ। मेरठ महायोजना 2021 के तहत गढ़ रोड का भू-उपयोग मिश्रित तो निर्धारित कर दिया गया है पर यहां अभी व्यावसायिक भवनों के लिए मानचित्र आवेदन शुरू नहीं हुए हैं। सचिव राजकुमार ने बताया कि यहां 15 दिनों के अंदर शोरूम संचालक, सभी व्यावसायिक भवनों के स्वामी मानचित्र के आवेदन कर दें। इसके बाद सीलिंग कार्रवाई शुरू होगी। बताया कि यहां मानिचत्र के लिए नियम वही रहेगा। सड़क की चौड़ाई कम नहीं होगी। प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए प्रभाव शुल्क प्राप्त किया जाएगा। सैट बैक आदि छोड़ने होंगे। वाहन पार्किग व्यवस्था करनी होगी।
रजिस्ट्री करा लें
सचिव ने बताया कि एमडीए के आवंटी जिन्हें कब्जा मिल चुका है, वह अपनी रजिस्ट्री करा लें। वित्तीय वर्ष समाप्त हो रहा है। स्टांप ड्यूटी में नए वर्ष में बढ़ोतरी हो सकती है। अभी रजिस्ट्री करा लेंगे तो अतिरिक्त भार से बच सकेंगे।