धड़ाम हुआ न्यू टीपीनगर का प्रस्ताव
मेरठ। न्यू टीपीनगर प्रोेजेक्ट धड़ाम हो गया है। इस प्रोजेक्ट में भू अधिग्रहण के लिए एमडीए का एडीएम एलए कार्यालय में जमा धन वापस होना शुरू हो गया है। एमडीए को नौ करोड़ रुपये वापस कर दिए गए हैं और बाकी नौ करोड़ 64 लाख रुपये इसी सप्ताह एमडीए के खाते में ट्रांसफर हो जाएंगे। विकास की राह में यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
कई साल से वर्तमान ट्रांसपोर्ट नगर को शिफ्ट करने की कवायद चल रही थी। इसके लिए बागपत रोड पर पांचली खुर्द गांव में एमडीए ने 38.9260 हेक्टेयर भूमि का चयन किया था। धारा, चार तथा छह सभी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है पर बात नहीं बनी। मेरठ महा योजना में भी न्यू टीपीनगर के लिए जमीन रखी गई है। कई बार अधिकारियों की यहां मीटिंग हुई। इसमें ट्रांसपोर्ट्स ने भी अपना पक्ष रखा था।
रेट को लेकर उलझा रहा मामला
यहां रेट को लेकर मामला उलझा रहा। भू अधिग्रहण नीति 2013 जैसे ही लागू हुई तो किसानों ने कहा कि अब उन्हें सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा ही चाहिए। यह लगभग छह हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर बनता है। इतनी रकम देने को एमडीए तैयार नहीं। बाद में शासन ने पत्र जारी कर दिया कि ऐसे मुद्दे आपसी समझौताें से निपटाए जा सकते हैं। इन समझौतों में भू अधिग्रहण की जरूरत विभाग के माध्यम से नहीं पड़ेगी। बीच की एक रकम तय हो जाए तो किसानों से जमीन सीधी एमडीए अपने रजिस्ट्री के माध्यम से करा ले। तभी से मामला अटका है। कई प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं बन सकी।
एमडीए ने वापस मांगी थी रकम
इस जमीन के भू अधिग्रहण को लेकर एमडीए ने एडीएम भू अध्यप्ति कार्यालय में 19 करोड़ रुपये जमा किए थे। एमडीए ने अब यह कहते हुए रकम मांग ली कि यदि समझौता होगा तो सीधी ही किसानों से बात हो जाएगी। ऐसे में उन्हें अर्जन का धन वापस कर दिया जाए।
शासन केनिर्देश पर लौटाया पैसा
इस रकम को प्रशासन ने देने से इंकार कर दिया है। कहा है कि नियमानुसार अर्जन व्यय काटना होगा। इस बाबत तहसीलदार मनोज सिंह तथा करनवीर सिंह ने हिसाब बनवाया। एमडीए अधिकारियों का कहना है कि जब अर्जन हुआ ही नहीं तो व्यय कैसा। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने जवाब दिया कि वह अपनी प्रक्रिया पूरी कर चुके थे। ऐसे में यह रकम तो देनी ही होगी। शासन के निर्देश पर अब लगभग ढाई प्रतिशत रकम काटकर पैसा एमडीए को लौटाया जा रहा है। नौ करोड़ रुपये एमडीए को लौटा दिए गए। इसके अलावा नौ करोड़ 64 लाख रुपये का चेक तैयार किया जा रहा है। इसी सप्ताह यह रकम भी एमडीए के खाते में पहुंच जाएगी।
बात बनी तो ही होगा काम
नौ करोड़ रुपये वापस मिल गए हैं, बाकी इसी सप्ताह मिल जाएंगे। यह पैसा हम अपने खाते में रखेंगे। यदि कुछ बात बनेगी तो उसी हिसाब से प्रोजेक्ट पर काम होगा नहीं तो यह पैसा दूसरे प्रयोग में लाया जाएगा। -राजकुमार, सचिव एमडीए
खास बातें:
जमीन अधिग्रहण के लिए किसानों से नहीं बनी बात
नौ करोड़ रुपये एमडीए को वापस, बाकी इसी सप्ताह मिलेंगे