सरधना। ऐतिहासिक चर्च में एक नवंबर से प्रारंभ हुआ 61वां महोत्सव सोमवार को सकुशल संपन्न हो गया। बेगम समरू के महल से सायं चार बजे कृपाओं की माता की चमत्कारिक तस्वीर को कृपापूर्ण आस्था के साथ जुलूस के रूप में चर्च लाया गया। इस दौरान चर्च में विशेष प्रार्थना का आयोजन किया गया।
बेगम समरू की राजधानी सरधना आपसी भाईचारे एवं सौहार्द की मिसाल कायम रखे हुए है। विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक चर्च में इस बार 61वां महोत्सव सोमवार को सकुशल संपन्न हो गया। इसकी फादर पाक्या नाथन एवं ससिन बाबू ने विधिवत घोषणा की। रविवार को चर्च से विशाल जुलूस के रूप में माता मरियम की चमत्कारिक तस्वीर जिसमें माता मरियम प्रभु यीशु को गोद में लिये बैठी हैं। उसे बेगम समरू के नए महल मौजूदा संत चार्ल्स इंटर कॉलेज ले जाया गया था। उस चमत्कारिक तस्वीर को सोमवार को वापस जुलूस के रूप में चर्च लाया गया। इस जुलूस में काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। प्रभु यीशु एवं माता मरियम की कृपापूर्ण आस्था के साथ माता मरियम एवं प्रभु यीशु का गुणगान करते हुए चर्च पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने माता मरियम से अपने गुनाहों की क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि हे माता मरियम प्रभु यीशु से दुआ करना हम पापियों के जीवन के कष्ट दूर हों और हम बुराई के रास्ते पर चलने से बचें। माता मरियम रोगियों के रोग दूर हों, वे स्वस्थ हों। दीन-दुखियों के दुख दूर हों और देश में सुख-समृद्धि के साथ विश्व में अमन शांति हो। श्रद्धालु माता मरियम का गुणगान करते हुए चर्च पहुंचे। वहां विशेष प्रार्थना में शामिल हुए। चर्च में फादर ससिन बाबू एवं पाक्यानाथन ने विशेष प्रार्थना कराई। इसके बाद चर्च पर फहराया गया ध्वज उतारा गया। इसके साथ चर्च प्रबंधन ने महोत्सव के सकुशल संपन्न होने की घोषणा की। इसी के साथ चर्च में महोत्सव सकुशल संपन्न हो गया।
मुख्य बातें
जुलूस के रूप में संत चार्ल्स इंटर कॉलेज से वापस चर्च पहुंची मां मरियम की चमत्कारिक तस्वीर
प्रभु यीशु की माता मरियम की कृपापूर्ण आस्था के साथ चर्च पर लगा ध्वज उतारने के साथ ही 61वां महोत्सव संपन्न होने की हुई घोषणा