ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी ने किया पुष्टाहार मेले का निरीक्षण
रोहटा। सुपोषण स्वास्थ्य मेले में बुधवार को ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी पहुंचे तो उन्हें वहां काफी खामियां मिली। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के पास न ही वजन तोलने की मशीन मिली और न ही गर्भवती को दिया जाने वाला पुष्टाहार। टीम ने रिपोर्ट तैयार कर सीएचसी प्रभारी को रिपोर्ट सौंप दी है।
पूरे प्रदेश में ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस के अंर्तगत बाल विकास विभाग व स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में बुधवार से ब्लाक क्षेत्र के दर्जनों उपकेंद्रों पर सुपोषण स्वास्थ्य मेले का आयोजन आरंभ किया गया। जिसमें बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व इनका सहयोग करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एएनएम व आशाओं को लगाया गया था। बुधवार को सभी केंद्रों पर लगाए गए मेले की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों की भीड़ पहुंची तो उन्हें पूर्व की भांति एएनएम के द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच व 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को टीकाकरण का कार्य किया जाता रहा। लेकिन बाल विकास विभाग की टीम के द्वारा जो कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उनका वजन लेने व उन सभी को पुष्टाहार वितरित करने का कार्य मेले में किया जाना था वह नहीं किया गया। इसकी शिकायत जब पेपला के ग्रामीणों ने सीडीओ से की तो मेरठ से एक टीम पेपला भेजी गई जिसमें जिला कम्यूनिटी प्रोसिस प्रबंधक हरपाल सिंह व ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी यशवीर राणा जब पेपला में आयोजित मेले में पहुंचे तो उन्होंने वहां पर पाया कि कुपोषित बच्चों के लिए अंागनबाड़ी कार्यकत्रियों के पास कोई पुष्टाहार नहीं मिला। और न ही वजन करने के लिए वजन मशीन ही मिली। टीम ने जांच में पाया कि बाल विकास विभाग का मेले में कोई रूझान या तैयारी नहीं है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर टीम ने रोहटा सीएचसी प्रभारी डॉ. सुधीर कुमार को सौंप दी है। उधर, सीएचसी प्रभारी डॉ. सुधीर कुमार का कहना है कि कई केंद्रों पर यह शिकायत मिली है। जो खामियां टीम को मिली है। उसकी रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को भेजी जा रही है। जब इस संबंध में सीडीपीओ कुसुमलता का पक्ष जानने का प्रयास किया तो उन्होंने काल रिसीव नहीं की।