मवाना। सहकारी गन्ना विकास समिति में बृहस्पतिवार को सट्टा प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न समस्याओं को लेकर किसान पहुंचे। संबंधित अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं का निस्तारण किया।
सट्टा प्रदर्शन का गन्ना विकास समिति के चेयरमैन विनोद भाटी, विशेष सचिव प्रदीप शर्मा, चीनी मिल के उप महाप्रबंधक अभिषेक श्रीवास्तव ने दीप जलाकर शुभारंभ किया। समिति में रकबा, गन्ने का सर्वे, बांड आदि की जानकारी लेने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ी। सुपरवाइजर, कामदार एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं का निस्तारण किया। बृहस्पतिवार को टिकौली मिल के बहसूमा और बटावली के किसानों का कलेंडर जारी नहीं किया गया। जिस कारण यहां के किसान निराश लौटे। विशेष सचिव प्रदीप शर्मा ने सट्टा प्रदर्शन में 202 गांव से लगभग 523 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिनका मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इस मौके पर रघुराज सिंह, ऋषिपाल, शौबीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, डा. अरुण, शाहनवाज, मनीष अग्रवाल, प्रदीप चड्ढा आदि मौजूद रहे। जिला गन्ना अधिकारी को सौंपा प्रार्थना पत्र
उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिलाध्यक्ष के नेेतृत्व में जिला गन्ना अधिकारी को गन्ना किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। संग्राम सिंह पोसवाल ने बताया कि इस बार 2018-19 की गन्ना हाड़ा नीति बनाई गई है। जिसमें किसानों का गन्ना कम तौला जाएगा और किसानों में असंतोष का माहौल पैदा होगा। उन्होंने पुरानी नीति लागू करने की बात कही। कामरेड जितेंद्र पाल सिंह, मनोज धामा, इंद्रपाल सिंह, बिल्लू, जगदीश, शरणपाल, रामपाल सिंह, नरेश आदि मौजूद रहे।
मुख्य बातें
टिकौली मिल के बहसूमा और बटावली के किसानों का कलेंडर जारी नहीं किया
मेले में पूरे दिन किसानों की आवाजाही रही
बहसूमा। रामराज स्थित गन्ना समिति परिसर में गन्ना विभाग के तत्वावधान में किसानों की समस्याओं के निराकरण करने के लिए आयोजित चार दिवसीय किसान मेले में दूसरे दिन किसानों की संख्या कम रही। हालांकि पूरे दिन किसानों की आवाजाही लगी रही।
रामराज गन्ना समिति परिसर में गन्ना सचिव महीपाल सिंह एवं एससीडीआई जितेंद्र कुमार के निर्देशन में आयोजित चार दिवसीय किसान मेले में गन्ने का रकबा, गन्ना सर्वे, बेसिक कोटे का सट्टा प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को मिल परिसर में आयोजित किसान मेले में रामराज खादर क्षेत्र के गांव सैनपुर निवासी बिट्टू ने बताया कि उसका गन्ने का रकबा 5 बीघा कम चढ़ा हुआ था। उसे बाद में संशोधित कराया गया। मेले में आज करीब 350 किसानों ने हिस्सा लिया। इसमें से करीब 270 किसानों ने राजस्व अभिलेख, खसरा, खतौनी जमा किए। महिला किसानों ने उपस्थित दर्ज कराकर जागरूकता दिखाई। सचिव महिपाल सिंह ने कहा कि सभी किसान मोबाइल नंबर जरूर अंकित करा लें, क्योकि सरकार ने इस बार पर्चियों को मोबाइल एसएमएस से भी तौलने का प्रावधान कर दिया है। सचिव ने कहा अगले दो दिन में सभी किसान कच्चे कलेंडर में यदि कोई त्रुटि है तो दूर करा लें ताकि पेराई सीजन में कोई परेशानी न हो।
चेतावनी का दिखाई दिया असर
मुजफ्फरनगर जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर द्विवेदी ने बताया कि रामराज गन्ना समिति में सट्टा संशोधन मेला चल रहा है। गन्ना आयुक्त का आदेश है कि जो किसान अपनी जमीन की खसरा खतौनी जमा नहीं करते उनके मूल सट्टों को फर्जी मान लिया जाए। इस आदेश का असर मेले में दिखाई दिया। एससीडीआई जितेंद कुमार ने बताया कि समिति से 83 गांवों के किसान जुडे़ हैं। दो दिन में 60 प्रतिशत गन्ना उत्पादक किसान सट्टे का अवलोकन कर चुके हैं। उन्होंने कहा किसानों के पास कलेंडर संशोधन का यह आखिरी मौका है। इसके बाद बना पक्का कलेंडर में संशोधन नहीं किया जाएगा।