मेरठ। यूपी बोर्ड में परीक्षा के लिए इस बार बिना आधार नंबर के विद्यार्थी न तो पंजीकरण करा सकेंगे न ही फार्म भर सकेंगे। पिछले साल भी विद्यार्थियों से आधार नंबर मांगा गया था, मगर इसकी अनिवार्यता नहीं थी, लेकिन इस बार बिना आधार नंबर के ऑनलाइन फार्म स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं।
दरअसल, इस बार बोर्ड ने माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए आधार नंबर अनिवार्य कर दिया है। फिलहाल नौवीं, 11वीं के विद्यार्थियों का बोर्ड द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण कराया जा रहा है। इसमें भी आधार कार्ड जरूरी कर दिया गया है। पिछले दिनों सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एक स्कूल में आधार कार्ड को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। दरअसल, शिक्षिका ने नौवीं की छात्रा को आधार कार्ड लाने के लिए कह दिया था। छात्रा का आरोप था कि शिक्षिका ने उसके साथ मारपीट की है, जबकि स्कूल प्रधानाचार्य का कहना था कि आधार कार्ड जरूरी है, इसलिए सख्ती की गई थी, मारपीट नहीं की थी।
वहीं, कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों का ऑनलाइन पंजीकरण कराया जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रक्रिया चल रही है। इसमें आधार नंबर का भी एक कॉलम है। बिना नंबर भरे फार्म स्वीकार नहीं हो रहा है। सभी विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि पिछले साल के पंजीकृत विद्यार्थियों से भी आधार नंबर लिया जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी ने बताया कि जिन विद्यार्थियों के पास आधार नंबर नहीं है उन्हें आधार कार्ड के लिए नामांकन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जन्म तिथि में अंतर से परेशानी
कई विद्यार्थियों के लिए जन्म तिथि में अंतर भी परेशानी का सबब बना हुआ है। दरअसल, कई मामले ऐसे हैं जिनमें आधार कार्ड, टीसी और जन्म प्रमाण पत्र में दी गई जन्म तिथि में अंतर है। ऐसे विद्यार्थियों का न तो पंजीकरण कराया जा रहा है और न ही उनका बोर्ड का फार्म भरवाया जा रहा है। दरअसल, आधार कार्ड में जन्म तिथि वही अंकित होनी चाहिए जो जन्म प्रमाण पत्र में अंकित हो। ऐसे विद्यार्थी जन्म तिथि में सुधार करा सकते हैं।