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वार्डन व चपरासी पर कार्रवाई के बाद भी नहीं छोडा चार्ज

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खरखौदा। कस्बे के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में चल रहे भूत प्रकरण की जांच के बाद डीएम एवं बीएसए ने वार्डन एवं चपरासी को दोषी हठराते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी। हालांकि वार्डन एवं चपरासी दोनों ही विद्यालय में डटे हैं। ये सुबह से बाहर रहे परंतु शाम को दोनों विद्यालय पहुंच गए। वहीं, चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने भी बच्चों से पूछताछ की।
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कस्बा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने वार्डन पर रात्रि में भूत बनकर डराने एवं चपरासी द्वारा छात्राओं से अश्लील हरकत करने की शिकायत जिलाधिकारी को भेजी थी। छात्राओं ने विद्यालय के छात्रावास में वार्डन के पास बाहरी लोगों के आने-जाने का भी आरोप लगाया था। यह शिकायत करीब एक माह से थी। शिक्षा विभाग ने ठोस कदम नहीं उठाया तो बच्चों को जिलाधिकारी के यहां जाना पड़ा था। बाद में चाइल्ड हेल्पलाइन से अनिता राणा के नेतृत्व में टीम ने विद्यालय पहुंचकर मामले की जांच की थी। जिसमें छात्राओं ने अपनी परेशानी बताई थी। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने बाल कल्याण समिति को रिपोर्ट सौंपी थी। वहीं, वार्डन ने दूसरी शिक्षिकाओं पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया था। वहीं, थाने से जुडे़ व्यक्ति ने दो शिक्षिकाओं के घर जाकर उनके परिजनों को धमकी भी दी। हालांकि शिक्षिकाओं ने बीएसए समेत पुलिस विभाग को भी धमकी देने के मामले से अवगत कराया था। डीएम ने प्रकरण की जांच कराकर वार्डन एवं चपरासी को कार्यमुक्त कर दिया था। उन्होंने दोनों को स्कूल परिसर छोड़ने का भी आदेेश दिया था। इस पर वार्डन एवं चपरासी ने बुधवार सुबह में विद्यालय छोड़ दिया था। हालांकि दोपहर में दोनों विद्यालय पहुंचे। जिसमें वार्डन अपनी सीट पर तथा चपरासी गेट पर बैठ गया। चाइल्ड हेल्पलाइन से अनिता राणा दोबारा विद्यालय पहुंचीं। इस दौरान वार्डन टीम के साथ रहीं।
क्यों नहीं हटाया
जांच करने पहुंची अनिता राणा विद्यालय परिसर पहुंचीं तो वार्डन वहीं मिलीं। जब टीम बच्चों से पूछताछ कर रही थी तो वार्डन भी पहुंच गईं। आरोपी है कि उन्हें बाधा उत्पन्न की। जिस पर अनिता राणा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से वार्डन को नहीं हटाने के बारे में जानकारी ली।
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वार्डन ने बुधवार सुबह ही स्कूल छोड़ दिया था। यदि वार्डन ने आदेश का पालन नहीं किया तो यह गलत है। बृहस्पतिवार को विभाग की पूरी टीम विद्यालय पहुंचेगी तथा वार्डन और चपरासी को बाहर कर दिया जाएगा। -सतेंद्र ढाका, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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