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सीमा विवाद को लेकर हुआ नक्शों का मिलान

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मवाना। खादर की जमीन को लेकर मेरठ-अमरोहा जनपद में चले आ रहे सीमा विवाद का शुक्रवार को भी कोई हल नहीं निकल सका। हालांकि इस विवाद को निपटाने के लिए शुक्रवार को दोनों जनपदों के लेखपाल और अमीनों ने नक्शे का मिलान किया। इसके बावजूद कोई सफलता नहीं मिल सकी। पिछले कई सालों से यह विवाद लगातार चला आ रहा है।
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बताते चलें कि खादर की जमीन को लेकर चले आ रहे सीमा विवाद का निपटारा शुक्रवार को भी नहीं हो सका। इस निपटारे के लिए धनौरा मंडी के तहसीलदार राकेश, लेखपाल एवं अमीन के साथ मवाना तहसील पहुंचे। इनके अतिरिक्त भारतीय सर्वेक्षण अधिकारी राकेश कुमार और बीएस पुंडीर देहरादून से पहुंचे। दोपहर बाद दोनों जिलों की टीमों ने सीमा विवाद निपटाने के लिए नक्शे का मिलान किया। पीडब्लूडी के सहायक अभियंता महेश बालियान ने बताया कि दोनों जनपदों की टीम पहले नक्शे का मिलान करेंगी। बार्डर मिलने पर भारतीय सर्वेक्षण टीम जीपीएस की मदद से प्वाइंट देगी। इसके बाद पिलर खड़े करके सीमा बना दी जायेगी। एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि अभी कोई हल नहीं निकल सका है। लंबी प्रक्रिया है। एक बार फिर सिजरों का मिलान किया जाएगा। इसके पश्चात ही ग्राउंड स्तर पर सर्वे करके सीमा बनाई जायेगी।


बंपर पर्ची मिलने से मिल पर उमड़ी गन्ना किसानों की भीड़
मवाना। पेराई सत्र बंद होने से पहले समिति द्वारा एकाएक गन्ना किसानों को बंपर पर्ची देने से शुक्रवार को गन्ना किसानों के साथ आम आदमी पूरे दिन जाम के कारण परेशान रहे। किला मार्ग पर गन्ने की बुग्गी, ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रक के आड़े तिरछे लगे होने के कारण पैदल यात्री को दूर तक पैदल चलने में पसीने छूट गए।
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बताते चलें कि मवाना मिल द्वारा दो नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इसी सप्ताह में कभी भी मवाना शुगर मिल बंद हो सकती है। इसी कारण दो दिन से समिति ने किसानों को बंपर पर्ची जारी करनी शुरू कर दी है। एकाएक पर्ची अधिक मिलने से क्षेत्र के किसान गन्ना लेकर मिल पहुंच रहे हैं। गन्ना वाहनों की भीड़ एकाएक उमड़ने से किला रोड पर बृहस्पतिवार देर रात से लेकर शुक्रवार देर शाम तक भीषण जाम लगा रहा। जिस कारण वाहन तो दूर पैदल चलने में आम आदमी के पसीने छूट गए। वहीं, सुबह में एक बुग्गी में आग लग गई। जिसे सिक्योरिटी ने किसी तरह पानी डालकर बुझाया। गन्ना किसान दूधली निवासी बबलू ने बताया कि पहले तो चुनिंदा पर्चियां ही मिल रही थीं। एकाएक मिल का पेराई सत्र बंद होने की जानकारी मिलने पर समिति ने पर्चियां अधिक भेजनी शुरू कर दीं। मोंटी निवासी जयसिंहपुर, कमर सिंह निवासी नंगला गोसाई, मटौरा निवासी रामअवतार, बलि निवासी जितेंद्र ने बताया कि शुक्रवार सुबह नौ बजे गन्ना लाने के बावजूद देर शाम पांच बजे तक उनका नंबर नहीं आया। गर्मी में खड़े रहने से बुरा हाल हो गया। उन्होंने बताया कि यदि समिति सही समय पर पर्चियां भेज देती तो यह असुविधा उत्पन्न न होती। शुगर मिल के चारों तरफ जाम लगने से वहां के दुकानदारों का भी धंधा दिनभर चौपट रहा।
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